पार्षद पति और पूजा समिति के लोग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच, पांच वर्ष पुरानी एक फोटो भी वायरल हो गई, जिसमें दिख रहा है कि कुंड में काफी गंदगी है।
Varanasi News: शंकुलधारा कुंड में प्रतिमा विसर्जन को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। एक ओर क्षेत्रीय पार्षद पति अशोक सेठ हैं तो दूसरी तरफ केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज मिश्रा हैं। दोनों लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पार्षद पति ने कहा कि आठ महीने से कुंड में सफाई चल रही है।
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विसर्जन हुआ तभी मछलियां मरने लगी हैं। उसमें हानिकारक केमिकल होता था। जलीय जंतुओं के जीवन पर खतरा रहता है। इसे देखते हुए कृत्रिम कुंड का निर्माण कराया गया। बावजूद जबरन लोगों ने शंकुलधारा में विसर्जन किया। जगह देने के बाद भी परंपरा का हवाला देते रहे।
पूजा समिति के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि कहीं पार्षद पति ने शंकुलधारा कुंड में विसर्जन के बाद कुछ डाल तो नहीं दिया है। सारी महामारी सिर्फ एक ही तालाब में फैल रही है। पूजा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि जानबूझ कर किसी के इशारे पर पांच साल पुरानी फोटो और वीडियो वायरल की जा रही है।
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विसर्जन की फोटो में हंस दिखाई दे रहा है। इससे साफ है वह सरस्वती पूजा के समय की फोटो है। इको फ्रेंडली मूर्तियों के विसर्जन से मछलियां नहीं मरती हैं। लक्ष्मीकुंड और पिशाचमोचन कुंड में बगैर विसर्जन के मछलियां मरती हैं। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने प्रतिमा विसर्जन के लिए आठों जोन में 20 कुंड की व्यवस्था कराई थी। यहीं पर दीपावली के बाद माता काली की प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा।