2017 में हादसे के बाद युवक के हाथ की हड्डी टूट गई। एक साल बाद दूसरे डाॅक्टर की दवा से उसे आराम हुआ। इसके बाद युवक ने पहले डाॅक्टर और दी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शिकायत दर्ज करा दी थी।
Varanasi News: शहर के सोनिया सिगरा निवासी सागर सोनकर का इलाज मकबूल आलम के एक फैक्चर क्लीनिक में सही से नहीं हुआ। सागर ने डॉक्टर और दी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ 16 मई 2019 को उपभोक्ता फाेरम में वाद दर्ज कराया।
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फोरम की ओर से डॉ. शकील और इंश्योरेंस कंपनी को वादी को 2.05 लाख का मुआवजा देने का आदेश सुनाया। यह राशि 60 दिन में देने को कही। ऐसा न करने पर 6 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
सागर ने बताया कि 2017 में 19 सितंबर को एक सड़क दुर्घटना में दाहिने हाथ में चोट आई थी। डाॅ. शकील अहमद की क्लीनिक में दिखाया। डॉक्टर ने जांच की और भर्ती होने को कहा और उसी दिन ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन में जो दो हड्डियां टूटी थीं उसमें प्लेटें लगाई गईं।
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ऑपरेशन के बाद भी सागर का इलाज उसी अस्पताल में होता रहा। हालांकि, ऑपरेशन के बाद भी मरीज को ब्लड और पश की समस्या बनी रही। एक अक्तूबर 2017 को डिस्चार्ज होने तक समस्या रही। एक साल तक वह कई अस्पतालों और डॉक्टरों के चक्कर काटता रहा, लेकिन आराम नहीं हुआ। 2018 में डॉ. एके राय के इलाज के बाद आराम हुआ। 16 मई 2019 को वाद दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान डॉ. शकील ने भी पक्ष रखा।