सरकारी विभागों में भी बिजली का बिल लंबे समय से बकाया है। बिजली निगम की ओर से कई बार बिल न मिलने का हवाला देते हुए बिजली काटी जाती है, लेकिन जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने पर जोड़ दिया जाता है। जिले के सभी वितरण खंडों को मिलाकर सरकारी विभागों पर भी बकाये का आंकड़ा 300 करोड़ से अधिक है। ज्यादातर सरकारी विभाग अधिशासी अभियंता द्वितीय और तृतीय के कार्यालय के तहत आते हैं। इसमें नगर निगम, पुलिस विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, संस्कृत विश्वविद्यालय, सेल टैक्स ऑफिस, कॉलेज शामिल हैं।
यह भी जानें
- कुल बकायेदारों की संख्या 2,60,000
- एक बार भी बिल न देने वाले 63978
- बिजली चोरी में मुकदमा 10602
कुछ प्रमुख बकायेदार
- सीवेज पंपिंग स्टेशन चौकाघाट 19.67 करोड़
- संस्कृत विश्वविद्यालय 3 करोड़
- नगर निगम 32.78 लाख
- पुलिस विभाग (चार थाना) 10.61 लाख
- बेसिक शिक्षा विभाग 11.50 लाख
- सेल्स टैक्स 14 लाख
क्या बोले अधिकारी
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभागों में भी जो बकायेदार हैं, उनसे बिल जमा करने की अपील की जाती है। 1 और 2 किलोवाट तक घरेलू/कामर्शियल उपभोक्ता ओटीएस योजना में पंजीकरण करवाकर छूट का लाभ ले सकते हैं। बकायेदारों की सूची डिवीजन वार तैयार करवाई जा रही है। -राकेश पांडेय, मुख्य अभियंता