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Exclusive: बिजली का 1635 करोड़ बकाया, 63978 ने कभी भरा ही नहीं बिल, बकायेदारों की सूची में सरकारी विभाग भी

Wed, 19 Nov 2025 11:56 AM IST
प्रगति चंद रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में बिजली का 1635 करोड़ बकाया है। बकायेदारों में 63978 ने कभी बिल ही नहीं भरा। वहीं घरेलू कनेक्शन के साथ ही बकायेदारों की सूची में सरकारी विभाग भी शामिल है।  
 
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बिजली का बिल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली निगम की ओर से बकाया बिल जमा कराने के लिए ओटीएस योजना लागू तो कर दी गई है, लेकिन बकाया जमा करवाना बड़ी चुनौती होगी। जिले में केवल घरेलू और कामर्शियल बकायेदारों की संख्या ही 2.60 लाख है। साथ ही बकाया भी हजार, लाख या 1-2 करोड़ नहीं बल्कि 1635 करोड़ रुपये है। सरकारी विभागों पर भी हर डिवीजन में लगभग 50 लाख से अधिक के बकायेदार हैं, कई विभागों में तो पांच साल से भुगतान नहीं हुआ है। 63978 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने कनेक्शन के बाद बिल कभी नहीं दिया है।

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जिले में बिजली के कुल उपभोक्ताओं की संख्या 7 लाख है। फिलहाल 2.60 लाख बकायेदार अलग-अलग श्रेणी के हैं। इसमें से कुछ एक साल तो किसी ने पांच साल से एक भी बार बिल नहीं जमा किया है। घरेलू और कामर्शियल बकायेदारों की संख्या 63978 है। ऐसे लोगों की उपकेंद्रवार और वितरण मंडल के हिसाब से सूची तैयार करवाई जा रही है। जिले में 10602 ऐसे लोग भी हैं, जिन पर बिजली चोरी में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। खास बात यह है कि निगम की ओर से जो ओटीएस योजना चलाई जा रही है, उसमें चोरी में पकड़े गए लोग भी लाभ ले लेंगे।

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पुलिस, नगर निगम, शिक्षा विभाग भी बकायेदार

सरकारी विभागों में भी बिजली का बिल लंबे समय से बकाया है। बिजली निगम की ओर से कई बार बिल न मिलने का हवाला देते हुए बिजली काटी जाती है, लेकिन जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने पर जोड़ दिया जाता है। जिले के सभी वितरण खंडों को मिलाकर सरकारी विभागों पर भी बकाये का आंकड़ा 300 करोड़ से अधिक है। ज्यादातर सरकारी विभाग अधिशासी अभियंता द्वितीय और तृतीय के कार्यालय के तहत आते हैं। इसमें नगर निगम, पुलिस विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, संस्कृत विश्वविद्यालय, सेल टैक्स ऑफिस, कॉलेज शामिल हैं।

यह भी जानें
  • कुल बकायेदारों की संख्या 2,60,000
  • एक बार भी बिल न देने वाले 63978
  • बिजली चोरी में मुकदमा 10602
कुछ प्रमुख बकायेदार
  • सीवेज पंपिंग स्टेशन चौकाघाट 19.67 करोड़
  • संस्कृत विश्वविद्यालय            3 करोड़
  • नगर निगम             32.78 लाख
  • पुलिस विभाग (चार थाना) 10.61 लाख
  • बेसिक शिक्षा विभाग            11.50 लाख
  • सेल्स टैक्स                        14 लाख            

क्या बोले अधिकारी
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभागों में भी जो बकायेदार हैं, उनसे बिल जमा करने की अपील की जाती है। 1 और 2 किलोवाट तक घरेलू/कामर्शियल उपभोक्ता ओटीएस योजना में पंजीकरण करवाकर छूट का लाभ ले सकते हैं। बकायेदारों की सूची डिवीजन वार तैयार करवाई जा रही है। -राकेश पांडेय, मुख्य अभियंता

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