लंका थाने के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा की टीम को सूचना मिली थी कि धोखाधड़ी का आरोपी शरद भार्गव हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली थाना क्षेत्र के 36 फर्स्ट फ्लोर टीडीआई इम्पैरर में है। इस आधार पर टीम ने दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी काशी ने बताया कि अभी तक 8.75 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है लेकिन यह धनराशि और बढ़ सकती है।
2014 में लखनऊ में दर्ज हुआ था 1.63 करोड़ की ठगी का पहला मुकदमा
डीसीपी काशी ने बताया कि शरद भार्गव के खिलाफ 2014 में 1.63 करोड़ की ठगी का पहला मुकदमा लखनऊ के डाली बाग के जोनल मैनेजर राजीव रतन सिंह ने चौक थाने में दर्ज कराया था। चौक थाने में ही मोहित भार्गव ने 27 लाख की ठगी का मुकदमा शरद और उसकी पत्नी ऋचा के खिलाफ दर्ज किया गया था।
इसी तरह वाराणसी के चेतगंज थाने में तीन करोड़ से ज्यादा की ठगी का मुकदमा शंकर लाल तोदी ने शरद और उसकी पत्नी ऋचा पर दर्ज कराया था। इसके बाद मलदहिया निवासी पीड़ित डॉ. भानुशंकर पांडेय ने लंका थाने में 80 लाख की ठगी मामले में शरद भार्गव, ऋचा, अमरनाथ, कैलाश के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
अस्सी के डुमराव बाग निवासी आशीष अग्रवाल ने लंका थाने में शरद और ऋचा के खिलाफ 1.35 करोड़ की ठगी का केस दर्ज कराया था। चौक के राजा दरवाजा के पीड़ित राहुल वर्मा ने कोतवाली थाने में शरद भार्गव के खिलाफ 1.15 करोड़ ठगी का केस दर्ज कराया है। इन मामलों की जांच चल रही है। धोखाधड़ी के दूसरे आरोपियों की तलाश की जा रही है।