अस्पताल के स्टोर रूम से उठता धुआं।
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अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट की लैब के पास स्टोर रूम बनाया गया है। यहां वार्ड और इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए सिरिंज, ग्लब्स सहित अन्य चिकित्सकीय सामग्री रखी जाती है। शनिवार सुबह करीब 7.30 बजे स्टोर रूम में आग लगी। यहां गत्तों में सामान रखने के साथ ही प्लास्टिक के सामान भी अधिक थे।
इस वजह से आग फैल गई। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह दमकल की चार गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। स्टोर बहुत अंदर बना था, लिहाजा बाल रोग विभाग के सामने ही दमकल की गाड़ियों को खड़ा करना पड़ा। करीब 200 मीटर तक पाइप अंदर ले जाकर दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। ज्यादातर सामान जल गए।
समिति करेगी जांच : अस्पताल में सुबह आग लगने की घटना के बावत अपराह्न करीब 4 बजे बीएचयू प्रशासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि आग का कारण स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।
चिकित्साधीक्षक कार्यालय में सहायक कुलसचिव और प्रशासनिक अधिकारी विश्वजीत साहा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि घटना सुबह 7.30 से 7.45 बजे के बीच की है। स्टोर में अधिकांश प्लास्टिक के सामान थे। दावा किया गया कि कई सामान को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर रखा गया।
घटना की होती रही चर्चा : घटना के बाद अस्पताल परिसर में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। कोई शार्ट सर्किट बता रहा था तो कोई अन्य वजह बता रहा था। हालांकि बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही कारण का पता लगेगा। अस्पताल प्रशासन ने बयान में बस यही बताया है कि यहां प्लास्टिक के सामान अधिक रखे गए थे।
अस्पताल में जिस जगह स्टोर रूम में आग लगी थी, वहां सामान बेतरतीब ढंग से रखे गए थे। अस्पताल परिसर में ड्रेनेज सिस्टम ठीक न होने से पानी भरा था। इस वजह से दमकल की गाड़ी ले जाने में भी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करवाने को कहा जाएगा, जिससे कि आपात स्थिति में दमकल की गाड़ी आसानी से पहुंच सके। आग लगने के समय बचाव के उपाय को लेकर नए सिरे से व्यवस्थाओं का मूल्यांकन भी करवाया जाएगा। -आनंद सिंह राजपूत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी