आईआईए के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य राजेश भाटिया ने बताया कि आईआईए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में 50 से अधिक चैप्टर रखता है। इसके 2500 से अधिक सदस्य हैं। जीएसटी के अपर आयुक्त श्याम सुंदर तिवारी ने उपस्थित उद्यमियों को आश्वस्त किया।
उपश्रमायुक्त डॉ महेश पांडे ने श्रम कानून में लागू होने वाली चार संहिताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एमएसएमई भारत सरकार के उपनिदेशक एल बी एस यादव ने औद्योगिक विकास हेतु भारत सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। समारोह में वाराणसी सहित पूर्वांचल के 12 उद्यमियों को सम्मानित किया गया। संचालन नीरज पारीक ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पंकज अग्रवाल ने दिया। समारोह में क्षेत्रीय भविष्य निधि शोभित सिंगल, मुख्य अभियंता विद्युत ए के वर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत सहित संबंधित विभागों के तमाम अधिकारियों की उपस्थिति रही।
उधर, एमएसएमई चांदपुर और लघु उद्योग भारती ने एक कार्यक्रम किया। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत में भूमिका पर चर्चा हुई। लघु उद्योग भारती, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह ने एमएसएमई क्षेत्र को भारत की आर्थिक प्रगति का आधार बताया। मुख्य अतिथि एमएसएमई प्रयागराज निदेशक एलबीएस यादववीरेंद्र राणा, अभिनव वाही रहे।
चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका अहम
दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की वाराणसी शाखा ने शनिवार को आईसीएआई भवन पांडेयपुर में एमएसएमई महोत्सव के तहत एक सेमिनार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में एमएसएमई के विकास, ऑडिट और कंप्लायंस फ्रेमवर्क पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी गई। सेमिनार के मुख्य अतिथि एमएसएमई विभाग के सहायक निदेशक राजेश चौधरी रहे। मुख्य वक्ता सीए विशाल सिंह और सीए विशाल बी. अशर ने एमएसएमई क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका पर प्रकाश डाला।
शाखा अध्यक्ष सीए वैभव मेहरोत्रा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षता सीए देवानंद गुप्ता ने की। संचालन शाखा सचिव सीए रंजीत कुमार पांडेय ने किया। सीए विशाल सिंह और सीए विशाल बी. अशर ने विचार रखे। शाखा सचिव सीए रंजीत कुमार पांडेय, विकास द्विवेदी, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट उपस्थित रहे।