वाराणसी। हरहुआ मंडल का उंदी गांव का विशाल जलाशय आकर्षक और झील जैसा संवरेगा। नौका विहार, पक्षी विहार अभ्यारण्य के रूप में विकसित होगा तो पर्यटन का एक और नया स्थल भी बन जाएगा। इस जलाशय में नौका विहार जहां आधुनिक नौकाओं की व्यवस्था रहेगी, किनारे-किनारे साइकिल पथ जहां किराये पर साइकिल भी उपलब्ध रहेगी। पैदल पथ, बच्चो के लिए अलग पार्क, जिसमें अनेक अत्याधुनिक झूले लगेंगे।
वीडीए और जिला प्रशासन की इस सोच और प्रयास को केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने सराहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उंदी ग्राम सभा में प्रस्तावित परियोजना पूर्वांचल में इस तरह की पहली योजना है। जहां शहर के कोलाहल से दूर एक लंबे भूभाग को अनेक खंड में बांटकर संवारा जा रहा है। यह पक्षी विहार जिसके अन्तर्गत वर्षा जल आधारित प्राकृतिक जलाशय जिसमें लोटस पांड का भी निर्माण प्रस्तावित किया गया है। व्यायामशाला, ओपेन जिम भी होगा। उंन्दी का यह भूभाग जिसे उन्दी ताल के नाम से जाना जाता हैं जो 125 विघा के बड़े भूभाग में फैला हुआ है।
पर्यटन उद्योग को बूस्ट करने के लिए आधुनिक रात्रि विश्राम काटेज, जलपान गृह, वाहन पार्किगिं के साथ वाच टावर का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है। अन्य जन सुविधाएं भी यहां स्थापित कराने के लिए रूपरेखा तैयार की गयी है। संपूर्ण क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फिनिशिंग भी करायी जाएगी। निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गयी हैं यह अपने आप में एक माडल वैट लैंड क्षेत्र के रुप में विकसित होगा।
सौर उर्जा संयंत्र भी लगेगा
यह क्षेत्र विद्युत व्यवस्था में आत्म निर्भर रहेगा डिजाइन में इस का ध्यान रखा गया है सौर ऊर्जा की स्थापना होगी। जिससे पूरा परिसर प्रकाशमय रहेगा। सौर ऊर्जा के अलावा कूड़ा निस्तारण के लिए भी स्वतंत्र व्यवस्था के साथ वर्मी कम्पोस्ट संयंत्र भी प्रस्तावित किया गया है। जिसका सीधा लाभ स्थानीय किसानों को जैविक खेती के लिए जैविक खाद की उपलब्धता एवं किसान जैविक खेती करें शासन की तरफ से प्रोत्साहित भी किया जाएगा।