18 दिन के भीतर शहर की प्रमुख लहुराबीर से मैदागिन मार्ग के बीच कबीरचौरा में सड़क धंस गई है। बीते 12 मार्च को सिगरा चौराहे पर सड़क धंसी थी। कबीरचौरा पर सड़क धंसने के बाद मौके पर जलकल विभाग के इंजीनियरों को भेजा गया ताकि वे लीकेज ढूंढकर उसे ठीक करें। इसके बाद सड़क बनाई जाएगी।
सुरक्षा के लिहाज से सड़क धंसने के बाद गड्ढे के चारों और लोहे की बैरिकेडिंग कर दी गई है। साथ ही पुलिस तैनात कर दी गई है। अचानक हुए गड्ढे ने विभागों की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि जलकल और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जर्जर पाइपों को खोजने का कोई तरीका जलकल के पास नहीं है। सड़क के बीचोबीच गई जर्जर लाइनों को शिफ्ट कराने की योजना पीडब्ल्यूडी के पास नहीं है। शहर में सड़क धंसने का सिलसिला बीते 25 सालों से चल रहा है। पूर्व में गिरजाघर, दशाश्वमेध, गोदौलिया, कबीरचौरा, पांडेयपुर, नदेसर, बेनियाबाग, सिगरा क्षेत्रों में सड़क धंस चुकी है। इनके अलावा बीएचयू से नरिया, सुंदरपुर, भेलूपुर, रथयात्रा, चेतगंज आदि इलाकों में भी सड़कों के धंसने का खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। जलकल के सचिव ओपी सिंह ने बताया कि लीकेज को ढूंढा जा रहा है। रात में ही काम पूरा करा लिया जाएगा। लीकेज की मरम्मत करने के बाद सोमवार तक सड़क को चलने लायक बना दिया जाएगा।