श्री काशी विश्वनाथ धाम में आरती के दौरान रेलिंग में करंट उतरने की घटना से मंदिर प्रशासन ने सबक लिया है। रविवार को जमीन से गुजरने वाले सारे तारों को हटवा दिया गया। धाम में लगने वाले कूलर और वाटर कूलर को बिजली सप्लाई करने वाले इंसुलेटेड वायर पर अब रबर की स्टील केसिंग वाले स्टील की पाइप लगाने की तैयारी है। दो दिनों के अंदर सारे तारों पर स्टील की पाइप लगा दी जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को की स्टील बैरिकेडिंग में करंट उतरने से छह से अधिक श्रद्धालुओं को झटका लगा था। इसमें दो किशोरियों को गंभीर स्थिति में कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों किशोरियों को छोड़ दिया गया। रविवार को मंदिर प्रशासन ने दोनों किशोरियों को बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन कराया। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि करंट उतरने की घटना ने मंदिर प्रशासन को सावधान कर दिया। कूलर और वाटर कूलर को बिजली सप्लाई करने वाले इंसुलेटेड वायर पर अब रबर केसिंग वाले स्टील की पाइप लगाई जाएगी। तब तक के लिए जमीन पर पड़े सभी तारों को हटवा दिया गया है। मंदिर परिसर में सिक्योरिटी डि्रल अप्रैल में प्रस्तावित है। एनडीआरएफ, अग्निशमन और इलेक्टि्रक सिक्योरिटी से समन्वय करते हुए एक्शन प्लान तैयार करके मॉक डि्रल कराया जाएगा।