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Varanasi News: वाराणसी में 70 हैंडपंप रिबोर कराए, 25 से नहीं आ रहा पानी; पढ़ें- पार्षदों ने की शिकायत

Mon, 19 May 2025 05:23 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के हैंडपंपों में पानी छोड़ देने के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर क्षेत्रीय पार्षदों ने अपने स्तर से शिकायतें की हैं। शहर के 1900 से अधिक हैंडपंप हैं। इनमें से 70 हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था।
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वाराणसी के एक स्थान पर सूखा हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रिबोर के बाद भी कई हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं। इसे लेकर पार्षद कम पाइप डालने से आ रही पानी की समस्या को उठा रहे हैं। इसके लिए नए सिरे से हैंडपंप की मरम्मत कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। शहर के 1900 से अधिक हैंडपंप हैं। इनमें से 70 हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था। बावजूद इसके 25 से अधिक हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है। 

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सुसुवाही के पार्षद सुरेश पटेल ने बताया कि उनके क्षेत्र के कई हैंडपंप खराब हो चुके हैं। इनमें से कुछ हैंडपंपों का रिबोर कराया गया था। कम पाइप डालने के बाद ये हैंडपंप खराब हुए हैं। इसे लेकर जलकल विभाग को पत्र दिया गया है। गुरूधाम चौराहे के पास रेणुका देवी का मंदिर है। इसके गेट के पास लगा। जो कई दिनों से खराब हो गया है।

कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हुकुलगंज के पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने भी खराब हैंडपंप की शिकायत की है। इसी प्रकार रामनगर, मंडुवाडीह, लंका, कचहरी, हुकुलगंज आदि इलाकों के हैंडपंप हैं। जो इन दिनों पानी छोड़ रहे हैं। गर्मी की शुरुआत में ही कार्ययोजना बनाई गई थी।
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खराब हैंडपंपों को बेहतर तरीके से ठीक कराया गया होता ये समस्या नहीं होती। इसे लेकर पार्षदों ने सदन और कार्यकारिणी में भी मुद्दा उठाया था। जिस पर मेयर ने जलकल के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी कि वे जल्द से जल्द खराब हैंडपंपों को ठीक कराते हुए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। जलकल के सचिव ओपी सिंह ने कहा कि खराब हैंडपंपों को ठीक कराके क्रियाशील किया जा रहा है।

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शहर के चार हजार चाय-पान की दुकानों पर लगेंगे डस्टबिन
वाराणसी। शहर के चार हजार चाय-पान की दुकानों पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। डस्टबिन लोहे की चेन से बंधे होंगे। इसके साथ ही दुकानदारों को जागरूक किया जाएगा कि वे कूड़ा इसी डस्टबिन में डालें। दुकानदार ग्राहकों को भी बताएंगे कि शहर की सफाई के लिए डस्टबिन का इस्तेमाल करें। 

शहर के चाय की दुकानों पर कुल्हड़ और प्लास्टिक और कागज के गिलास में चाय दी जाती है। चाय पीने के बाद लोग वहीं पर फेंक देते हैं। इसी प्रकार पान की दुकानों पर पान खाने के बाद लोग पत्ता वहीं फेंक देते हैं। इससे नालियां जाम होती हैं। इसे देखते हुए नगर निगम ने यहां पर डस्टबिन लगाने की योजना बनाई है। 

इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर भी डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। करीब 200 से अधिक स्थानों पर कूड़ादान लगाए गए हैं। जिस पर क्यूआर कोड भी लगाया जा रहा है। इसे स्कैन करने पर पता चल सकेगा कि कूड़ा उठाया गया या नहीं। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि शहर की सफाई के लिए डस्टबिन लगाए जाएंगे। 
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