पुलिस ने उन दोनों के साथ ही उनके दो साथियों को भी पकड़ लिया। उधर, डीसीपी काशी जोन गाैरव बंसवाल ने बताया कि कार्रवाई के लिए लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र और उनकी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।
घायल तस्करों की पहचान बरेली के नजमुद्दीन और रामपुर के मोहम्मद हसन के रूप में हुई है। इनके दो साथियों की पहचान रायबरेली के अली शेर और शाहजहांपुर के गूंगा के रूप में हुई है। नजमुद्दीन और हसन को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
ऊपर और पीछे प्याज की बोरी, अंदर संरक्षित पशु
डीसीपी क्राइम / एडीसीपी काशी जोन ने बताया कि पशु तस्करों ने ट्रक में सबसे ऊपर प्लाईवुड के बोर्ड पर प्याज की बोरियां लाद रखी थीं। उसके नीचे 24 संरक्षित पशुओं को ठू्ंस कर भरे थे। पशु दिखाई न दें, इसके लिए ट्रक के पिछले हिस्से में भी बोरियों में प्याज भर कर रखे थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह संरक्षित पशुओं को उन्नाव के बांगरमऊ से बिहार के सासाराम ले जा रहे थे। गिरोह के सरगना ने ट्रक चालक हसन को 40 हजार रुपये और तीन अन्य को 25-25 हजार रुपये दिए थे। ट्रक के आगे एक कार चल रही थी, वह पुलिस की रेकी कर रही थी। अब पुलिस उस कार और उसमें सवार लोगों की तलाश कर रही है।
138 दिन में 274 संरक्षित पशु मुक्त, 37 गिरफ्तार
डीसीपी क्राइम / एडीसीपी काशी जोन ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से 18 मई तक संरक्षित पशुओं की तस्करी के संबंध में कमिश्नरेट के थानों में 21 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने मामले में 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 274 संरक्षित पशु मुक्त कराए गए हैं।
मुठभेड़ में गिरफ्तार 3 पशु तस्कर जेल भेजे गए
वाराणसी के रामनगर थाने की पुलिस ने शनिवार की दोपहर मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए तीन पशु तस्करों को अदालत में पेश किए गए, जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। रामनगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि रामपुर निवासी आरिफ, गुलफाम और भूरा के ट्रेलर से 27 संरक्षित पशु मुक्त कराए गए हैं। आरोपियों के पास से एक तमंचा-गोली और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
25 हजार का इनामी पशु तस्कर मुठभेड़ में गिरफ्तार
पहाड़ी इलाके में रविवार की आधी रात बाद पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का अंतरजनपदीय इनामी पशु तस्कर गिरफ्तार किया गया। मंडुवाडीह थाने की पुलिस की गोली से घायल बदमाश की पहचान कौशांबी जिले के करारी थाने के नयागंज निवासी मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है।
वह रोहनिया थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत वाराणसी, चंदौली, कानपुर नगर और प्रयागराज में नौ मुकदमे दर्ज हैं।
डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय को सूचना मिली थी कि आपराधिक मामलों का वांछित अभियुक्त मोहम्मद इरफान अपने साथी प्रयागराज के लोहगरा के रहने वाले अपने साथी मोहम्मद लईक के साथ बनारस रेलवे स्टेशन से कहीं बाहर भागने की फिराक में हैं।
इस सूचना के आधार पर मंडुवाडीह थानाध्यक्ष अपनी टीम को लेकर जेएफ महात्मा स्कूल नकाईन के पास चेकिंग कर रहे थे। एक बाइक सवार दो लोगों को रोकने को पुलिस टीम ने कहा तो वह भागने का प्रयास किए और उसी चक्कर में सड़क पर गिर पड़े। सड़क पर गिरते ही इरफान पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इरफान के बाएं पैर में गोली लगी। हालांकि इस बीच उसका साथी मोहम्मद लईक भाग निकला। देर रात तक लईक की तलाश में पुलिस की कांबिंग जारी रही। इरफान के पास से तमंचा-कारतूस बरामद कर उसे अस्पताल भेजा गया है।