नाइट मार्केट के संचालन के लिए श्रेया कंपनी के साथ अनुबंध किया गया था। कंपनी की ओर निर्धारित मानकों को पूरा न करने और शर्तों का उल्लंघन करने पर कई बार नोटिस जारी किया गया था। फिर भी अनुपालन न करने पर अनुबंध निरस्त कर दिया गया था। जिससे सभी दुकानें अवैध हो गई। नगर निगम की ओर से पूर्व में सभी दुकानों को खाली कराने का नोटिस दिया गया था। नोटिस देने के बाद भी दुकानदारों की ओर से दुकानों को खाली नहीं किया गया। जिस पर निगम ने अभियान चलाया।
अवैध होर्डिंग्स को हटाती पुलिस।
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नाइट मार्केट की आड़ में हो रहे कई अनैतिक कार्य
निगम के अनुसार कैंट रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड से अंधरापुल तक नाइट मार्केट की आड़ में कई अनैतिक कार्य होने से शहर की छवि धूमिल हो रही है। मानक के अनुरूप दुकानों का संचालन न होने से इन क्षेत्रों में व्यापक गंदगी, आवागमन बाधित होता है। नगर निगम प्रशासन की ओर से दी गई 48 घंटे के मोहलत के बाद इन सभी दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों को दिखेगी काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक झलक
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा के अनुसार नाइट मार्केट हटाकर पर्यटकों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कैंट स्टेशन के बाहर निकलते ही पर्यटकों को काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक झलक दिखेगी। कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट (सीएंडडी) से निर्माण कार्य पूरा होगा। साथ ही अधिकतम संसाधनों को फिर से उपयोग में लाया जाएगा। इसका उद्देश्य क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को सुगम करना है।