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Varanasi News: 20 लाख की आबादी में 2331 टॉयलेट यूरिनल, ये जरूरत के आधे से भी कम; चाैंका देगी ये जानकारी

Sat, 19 Apr 2025 02:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा गुंजन श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में इन समस्याओं से यहां के लोग जूझ रहे हैं। खासताैर से पर्यटकों को टॉयलेट और यूरिनल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। शहर में गोदौलिया, संकटमोचन के पास से यूरिनल तोड़कर हटवाए गए थे। इनकी जगह नए बनवाए भी नहीं गए।
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शहर के एक स्थान पर बना टाॅयलेट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Nagar Nigam Varanasi: शहर की 20 लाख आबादी पर 2331 टॉयलेट और यूरिनल हैं। अगर 400 व्यक्तियों पर एक टॉयलेट का मानक रखा जाए, तो कुल आबादी पर 5000 टॉयलेट-यूरिनल की जरूरत है। काशी में बड़ी संख्या भी पर्यटक आते-जाते हैं। इसके बावजूद पहले बनवाए गए कई टॉयलेट और यूरिनल हटा दिए गए। इसकी वजह से लोग शहर में खुलेआम गंदगी करते हैं। 

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दशाश्वमेध, गोदौलिया, अस्सी, गंगा घाट, कैंट, इंग्लिशिया लाइन, सारनाथ, रामनगर, चौक, मैदागिन में टॉयलेट की संख्या कम है, जबकि इन क्षेत्रों में पर्यटकों का आवागमन ज्यादा रहता है। यहां कहीं 200 मीटर तो कहीं 300 मीटर की दूरी पर टॉयलेट हैं। पिछले दिनों ही गोदौलिया, संकटमोचन के पास से यूरिनल तोड़कर हटवाए गए थे। इनकी जगह नए बनवाए भी नहीं गए। 

प्रमुख बाजारों में भी संकट: शहर के प्रमुख बाजारों में टॉयलेट और यूरिनल की कमी है। विश्वेश्वरगंज, खोजवां, मलदहिया, लहुराबीर, हथुआ मार्केट, सिगरा, महमूरगंज, नई सड़क, बेनियाबाग आदि बाजारों में टॉयलेट और यूरिनल पर्याप्त नहीं हैं। इसके चलते लोग गली और नालियों में गंदगी करते हैं। इससे व्यापारी परेशान रहते हैं। कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

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दरवाजे टूटे, कुंडी गायब- वॉश बेसिन अस्त-व्यस्त
शहर के शौचालय के अंदर गंदगी ही गंदगी है। मल-मूत्र यूं ही पड़ा रहता है। शौचालय के दरवाजों की कुंडी तक गायब है। वॉश बेसिन अस्त-व्यस्त हैं। शौचालय में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही लाइट की। शौचालय के अंदर दीवारों पर मकड़ी के जाले लगे हैं। 

अंदर ईंट, बोतल, गंदे कपड़े और गुटखे आदि के पाउच पड़े हैं। इसके विपरीत शौचालय के बाहर कई स्लोगन लिखे हैं। लिखा है शौचालय का करें प्रयोग, मिटे गंदगी भागे रोग। मुख्य मार्ग के शौचालयों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर शौचालयों की हालत खराब है।

ये है आंकड़ा

  • 417  यूरिनल 
  • 182 सार्वजनिक शौचालय, जिनमें 1426 सीट
  • 56 सामुदायिक शौचालय, जिनमें 473 सीट
  • 3 पिंक टाॅयलेट, जिनमें 13 सीट
  • 1 ट्रांसजेंडर टॉयलेट, जिनमें 2 सीट
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बोले अधिकारी
एजेंसियों के माध्यम से शौचालयों और यूरिनल की सफाई कराई जा रही हैं। कुछ नए यूरिनल और शौचालय बनाने के लिए जगह चिह्नित किए जा रहे हैं। जहां से गंदगी की सूचना मिलती है, वहां तत्काल सफाई कराई जाती है। लगातार निगरानी भी की जा रही है। - डॉ. एसके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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