फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिये किए गए गलत लेनदेन और इनफुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाने वाली फर्मों के खिलाफ राज्य कर विभाग (जीएसटी) का सर्वे शुरू हो चुका है। विभाग के रडार पर 105 फर्म और उनसे जुड़े व्यापारी हैं। दो दिन पहले बीएन ट्रेडर्स पर फर्जी तरीके से 16.91 करोड़ आईटीसी का लाभ उठाने का मामला उजागर होने के बाद जीएसटी ने जांच और तेज कर दी है। इस तरह की फर्मों का नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है।
जीएसटी अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध फर्मों की सूची बनाई गई है। साथ ही आयकर विभाग और जीएसटी रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के साथ व्यापारियों की ओर से दाखिल टैक्स रिटर्न समेत अन्य जानकारियां जुटाई जा रही है। जांच के दौरान यदि संबंधित फर्मों से फर्जी तरीके से लेनदेन सामने आता है तो संबंधित फर्म का जीएसटी फर्म रद्द किया जाएगा और वसूली प्रक्रिया भी शुरू कराई जाएगी। जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर रैंक के अधिकारी ने बताया कि फर्मों की स्क्रीनिंग कराई जा रही हैं। लगभग 105 फर्मों की सूची तैयार की गई है, जिनका लेनदेन ज्यादा है।