असित ने मूर्ति की लंबाई और चौड़ाई बढ़ाकर अपने तरीके से मूर्ति बनवाई। जिसकी वजह से 10 नवंबर 2018 को मूर्ति विसर्जन के दौरान समस्या हुई। गली के रास्ते से मूर्ति नहीं निकल पा रही थी। जिससे मूर्ति क्षत-विक्षत हो गई। गली में अब्दुलवारी के मकान के चबूतरे को असित और साथियों ने बिना पूछे क्षतिग्रस्त कर दिया। विरोध करने पर गाली और धमकी दी।
मदनपुरा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते रहे। जिला पुलिस प्रशासन को असहज किया। इनके कृत्य से 7 घंटे अतिरिक्त पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कार्य करना पड़ा। मामले में पुलिस ने असित कुमार दास, भाई अभिजीत दास, अजय जायसवाल व अरूप भट्टाचार्य पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अजय ने कोर्ट में समर्पण कर जमानत की अर्जी दी थी।