विज्ञापन विभाग के द्वारा बिना पत्रांक के ही फर्मों को नोटिस जारी करने की शिकायत पर विज्ञापन विभाग के विभागाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने गलती स्वीकार की। शहर में संचालित सभी गेस्ट हाउस, होटलों, बीयर की दुकाने, शराब की दुकानें, धर्मशाला, लाज, बारात घर आदि से लाइसेंस शुल्क वसूले जाने की प्रगति पर बताया गया कि सभी जोनल अधिकारियों को सूची के लिए पत्र भेजा गया है। महापौर ने चार महीने से इस मामले में कोई काम नहीं होने पर नाराजगी जताई।
फरवरी तक आएंगे 8 नए लैडर
आलोक विभाग में तकनीकी कर्मचारियों को रखने में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यकारिणी कक्ष में ही मानदेय इत्यादि का प्रस्ताव तैयार कराकर स्वीकृति प्रदान की गई। यह भी तय किया गया कि ईईएसएल कंपनी के प्रतिनिधि नगर निगम कंट्रोल रूप में बैठेंगे और प्रतिदिन शिकायतों का निस्तारण की प्रगति से अवगत कराएंगे। अधिशासी अभियन्ता ने बताया कि 8 नए लैडर 8 फरवरी तक आ जाएंगे।
जलकल में ठेकेदारी प्रथा पर रोक, अभियंता कराएं काम
कार्यसमिति में निर्णय पारित किया गया कि जलकल में ठेकेदार के भरोसे ही काम नहीं छोड़े जाएंगे। ठेकेदार के मैन पॉवर से अभियंता काम कराएंगे। महाप्रबंधक जलकल से कहा कि एक सप्ताह में सभी मशीनों को ठीक कर लिया जाय। जलकर की वसूली 80 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 38 करोड़ की वसूली पर नाराजगी व्यक्त की गई।
कार्यकारणी सदस्य श्याम आसरे मौर्य ने गृहकर की परिधि से छूटे भवनों के कर निर्धारण अभियान और नगर निगम की भूमि को कब्जामुक्त करने का प्रस्ताव उठाया। पार्षद मदन मोहन दूबे ने नगर में स्थित सभी यूरिनल के खराब होने तथा सफाई न होने के संबंध में शिकायत की।
बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय
- पार्कों, तालाबों, कुंडो, मूर्तियों के संबंध में की गई कार्यवाही एवं उस पर होने वाले व्यय की विवरण मांगा।
- सभी प्रकार के स्ट्रीट लाइटों को चिह्नित कर क्षेत्रवार कोडिंग करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
- नव विस्तारित क्षेत्रों में सफाई चौकी बनाने, स्ट्रीट डाग एवं बंदरों के पकड़ने के लिए कार्यवाही।
- जोनवार वाहनों को तैनात करने एवं कार्ड सिस्टम से डीजल भरने का निर्णय लिया गया।
- जलकल विभाग द्वारा कराए जाने वाले कार्यों की अद्यतन सूची पार्षदों को दी जाए।
- अवैध स्टैंडों का संचालन बंद करने एवं अतिक्रमण हटाने का लिया गया निर्णय।
- गोदौलिया दूध सट्टी को बंद करने एवं उसके स्थान पर विकल्प प्रस्तुत करना।
- प्रतिबंधित प्लास्टिक बंद करने की प्रभावी कार्यवाही एवं छोटे दुकानदारों का उत्पीड़न न किया जाए।