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हज सब्सिडीः शुक्र है, लानती दाग खत्म हुआ, जैसे डेढ़ लाख वैसे बीस हजार का और होगा इंतजाम 

Wed, 17 Jan 2018 08:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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हज यात्रा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकार की ओर से खत्म की गई हज यात्रा की सब्सिडी के फैसले पर जहां एक तबका नाखुश है तो इसका इस्तकबाल करने वालों की भी कमी नहीं है। कई ने इस फैसले की सराहना की है।
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इस बार हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वालों ने भी इसे खुशी इसे कुबूल किया है। उनका है कि इससे कम से कम हज सब्सिडी के नाम पर होने वाली राजनीति खत्म होगी। हम पर से सब्सिडी लेने का लानती दाग खत्म होगा।

कुछ ने इसे लेकर पक्षपात का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार को सभी धार्मिक यात्राओं से सब्सिडी खत्म कर एक नजर से देखने का काम करना चाहिए। पूर्वांचल हज सेवा समिति व मास्टर हज ट्रेनर डॉ. अकबर अली ने मोदी सरकार के फैसला का तहे दिल से स्वागत किया है।
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उनका कहना है कि हम मुख्तार अब्बास नकवी के शुक्रगुजार हैं। अब हमारे ऊपर से सब्सिडी लेने का लानती दाग खत्म हुआ। हाजी जैसे डेढ़ से दो लाख रुपये का इंतजाम करता था, बीस हजार रुपये का और इंतजाम कर लेगा। 
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मुसलमानों ने कभी सब्सिडी की मांग की 

हज
मुगलिया मस्जिद बादशाह बाग के इमाम मौलाना हसीन अहमद कहते हैं कि हमारे हुक्मरानों को सभी धर्म को एक निगाह से देखने की जरूरत है। हज पर जाने वाला कोई शख्स यूं भी सब्सिडी का मोहताज नहीं।

सब्सिडी खत्म करने के साथ सरकार हज की उड़ान का ग्लोबल टेंडर की व्यवस्था करे, क्योंकि इसकी कमीशन के चलते ही किराए के नाम पर हर हाजी पर हजारों रुपये का भार बढ़ता है। फरमान हैदर कहते हैं कि मुसलमानों ने कभी सब्सिडी की मांग की ही नहीं थी।

मुसलमान अपनी गाढ़ी और खून पसीने की कमाई से हज करने वाले हैं। उन्होंने तंज कसा कि हज की सब्सिडी खत्म करके ही बच्चियों के आगे बढ़ने का रास्ता सरकार ने अच्छा निकाला है।

जमीअतुल अंसार के महासचिव इशरत उस्मानी कहते हैं कि हज पर मिलने वाली सब्सिडी पर राजनीति से छुटकारा मिला। हमें ऐसी सब्सिडी चाहिए भी नहीं थी। ये हज के फजायल में भी शुमार नहीं है। 
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