बोर्ड परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के मन में डर बैठना आम बात है। अब बच्चों के एग्जाम फोबिया को दूर करने का काम आर्ट ऑफ लिविंग करेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्वयं ये पहल की है। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के साथ मिलकर योग प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को मन में बैठे परीक्षा के डर से उबारा जाएगा। पढ़ाई के दबाव के चलते होने वाले डिप्रेशन और तनाव को भी दूर करने की कोशिश की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पूरे प्रदेश में 1200 स्कूलों में आर्ट ऑफ लिविंग की ट्रेनिंग 17 जनवरी से शुरू होने जा रही है। वाराणसी में ऐसे 30 स्कूलों को चयनित किया गया है, जहां योग प्रशिक्षण शिविर लगाकर बच्चों के तनाव को दूर करने का अभ्यास कराया जाएगा। बोर्ड परीक्षा का तनाव छात्रों को हमेशा से ही सालता है।
इसी तनाव में उनका स्वास्थ्य तो खराब होता ही है, उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। बोर्ड में अधिक नंबर लाने के दबाव के चलते कई बच्चे डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। इसे देखते हुए ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत आर्ट ऑफ लिविंग के साथ मिलकर छात्रों को योगाभ्यास के माध्यम से परीक्षा के दबाव व तनाव से बचने के तरीके सीखाए जाएंगे।
आर्ट ऑफ लिविंग के डॉ. आनंद करण ने बताया कि दो महीने में 48 घंटे की उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। एक दिन में एक से डेढ़ घंटे की रोजाना योग क्लास चलाई जाएगी। राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को खास तौर से इसके लिए चयनित किया गया है।