वाराणसी नगर निगम पहली बार जल निगम की जगह एसटीपी का संचालन करेगा। बैठक में नगर निगम के 2262.42 करोड़ और जलकल विभाग के 373.02 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई।
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वाराणसी शहर में सीवर व्यवस्था सुधारने, पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने और खस्ताहाल सड़कों व गलियों के कायाकल्प पर पहली बार 2635 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम और जलकल विभाग के संयुक्त पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी गई है।
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मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बैठक में बजट पर मुहर लगी। साथ ही अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सीवर पंपिंग स्टेशनों का संचालन जल निगम की जगह नगर निगम खुद करेगा। नगर निगम के सभागार में हुई बैठक में नगर निगम के 2262.42 करोड़ और जलकल विभाग के 373.02 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई।
सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, पेयजल संकट और खराब सड़कों की समस्या के समाधान को प्राथमिकता दी गई। एसटीपी और सीवर पंपिंग स्टेशनों का संचालन अपने हाथ में लेना नगर निगम का अहम फैसला है। अभी तक संचालन जल निगम करता था। नगर निगम के जिम्मेदारी संभालने से सीवर व्यवस्था के संचालन और रखरखाव पर सीधा नियंत्रण होगा।
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गलियों और पार्कों के रखरखाव पर भी जोर
गलियों के रखरखाव के लिए आठ करोड़ का बजट रखा गया है। पार्कों और उद्यानों के रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वरुणा पार क्षेत्र में भूमिगत जल निकासी व्यवस्था की सफाई के लिए एक करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, फुटपाथ और पाथवे के रखरखाव पर सात लाख रुपये खर्च होंगे। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कुओं के जीर्णोद्धार में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार की जमानत राशि जब्त करने का निर्णय लिया।