विधि विशेषज्ञों से राय लेकर इन भवनों को गिराया जाएगा। पहले चरण में सत्यापन कराया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए। नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग जर्जर भवन गिराने के लिए संसाधन जुटाने में लगा है। ताकि गिराने के दौरान संसाधनों की कमी न रहे।