प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) से संवारने की मुहिम शुरू की तो लगा था कि यहां की सड़कों और और गलियों के कायाकल्प के साथ-साथ बनारस घराने के लब्ध प्रतिष्ठित कलाकारों से जुड़ी जीर्ण-शीर्ण धरोंहरें भी जिंदा हो उठेंगी।
इसके लिए केंद्र सरकार ने 80 करोड़ रुपये जारी कर दिए और काम शुरू हो गया मगर नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।
इन कामों की जांच-पड़ताल के लिए कई बार यहां केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, सड़कों की जांच के सैंपल भी भिजवाए। निरीक्षण-परीक्षण की कवायद के बाद भी कुछ नहीं बदला।
‘हृदय’ यानी हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन के तहत में बन रही सड़क हो या फिर टाउनहाल, हेरिटेज वॉक सभी जगह अफसरों की मिलीभगत से ठेकेदार लूट-खसोट कर रहे हैं। सड़कों से लेकर धरोहरों के संरक्षण के लिए हो रहे काम में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
सिंधु नगर कॉलोनी में विधायक निधि से बनी सड़क को फिर से इसी योजना में बनाने के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे कर दिए गए। हृदय के तहत 2.58 लाख रुपये से टाउनहाल को सजाने-संवारने का काम शुरू करा दिया गया है।
इसमें घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की शिकायत पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर हुई जांच में पाया गया कि डीपीआर में प्रस्तावित फर्श पर लगने वाली टाइल्स की मोटाई में मानक की अनदेखी और प्रस्तावित टायलेट का निर्माण ही नहीं हुआ। प्लास्टिक पेंट की जगह लाल रंग की गेरुआ से दीवाल की पुताई कर दी गई।
इसके बाद कबीर चौरा में बन रहे हेरिटेज वॉक में भ्रष्टाचार की शिकायत आने लगी। इस इलाके में देश-दुनिया में अपनी कला की धाक जमा चुकीं सितारा देवी, गोदई महाराज, पंडित किशन महाराज के आवास हैं।
संगीत घरानों और कलाकारों से जुड़ी यादें संरक्षित करने, उनकी विरासत को सहेजने के लिए हेरिटज वॉक बनाया जा रहा है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले कलाकार और पर्यटक गलियों में घूमकर कलाकारों को जान सकें और उनके घरों में बनने वाले छोटे-छोटे म्यूजियम को देख सकें।