पार्षद चंद्रनाथ मुखर्जी ने राजस्व विभाग के बाबू जैनुद्दीन की शिकायत की। उन्होंने बताया कि एक कार्य के लिए उन्हें छह घंटे बैठाया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जनता का कार्य किस प्रकार होता होगा। इस पर मेयर ने उन्हें हटाने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को दी। नगर आयुक्त ने उन्हें हटा दिया।
पानी मिला नहीं, जलकल भेज रहा बिल
पार्षद हारून अंसारी ने अमृत योजना में शहर के भवनों में फ्री पानी कनेक्शन का सवाल उठाया। कहा कि 2019 में कनेक्शन दिया गया था। इन नलों में पानी आज तक नहीं आया, लेकिन जलकल की ओर से कनेक्शन चार्ज और बकाया जोड़कर बिल भेजा जा रहा है। जब पानी मिला नहीं तो बिल कैसे भेज रहे हैं। इस बिल को निरस्त करने की मांग की।
सदन को गलत सूचना देने पर होगी कार्रवाई
पार्षद मदन मोहन दूबे ने नगर निगम के पेट्रोल पंप बंद होने से आर्थिक नुकसान का सवाल उठाया। इस पर मेयर ने परिवहन प्रभारी से पूछा कि कितने कमीशन का नुकसान हो रहा है। इस पर उन्होंने 80 हजार रुपये के नुकसान के बारे में बताया। मेयर ने सही आंकड़ा बताने को कहा तो परिवहन प्रभारी ने 82688 का आंकड़ा बताया। इस पर मेयर ने कहा कि सदन को गलत सूचना देने पर कार्रवाई की जाएगी।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर अनावश्यक दौड़भाग कराने से परेशान पार्षदों ने जमकर विरोध किया। कहा कि अनावश्यक रूप से जोनल कार्यालय से मुख्यालय और मुख्यालय से जोनल कार्यालय दौड़ाया जा रहा है। इस प्रकार का कार्य बंद कर बेहतर रणनीति बनाकर जनता के प्रमाणपत्र आसानी से जारी करें।
बोलने का भरपूर मौका मिलने पर पहली बार महिला पार्षदों में दिखी खुशी
सदन की बैठक में मेयर ने महिला पार्षदों को भरपूर बोलने का मौका दिया। 10 से 15 मिनट का मौका देने के बाद भी ज्यादातर महिला पार्षद 5 मिनट बोलकर बैठ जा रहीं थीं। इस पर मेयर बोले बहनजी आपको जितना समय दिया गया है आप उतना बोलिए। इस प्रकार के माहौल के चलते महिला पार्षदों में खुशी झलकी।