वाराणसी नगर निगम चुनाव के आठ माह बाद आखिरकार मंगलवार को वाराणसी के टाउन हाल में 12 सदस्यों की कार्यकारिणी चुन ली गई। चुनाव से पहले मुकदमा वापसी की मांग को लेकर विपक्ष टाउन हाल के बाहर धरने पर बैठ गया।
महापौर धरना स्थल पर पहुंची और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन में सभी सदस्यों की सहमति से छह भाजपा, तीन कांग्रेस, दो सपा और एक निर्दल को कार्यकारिणी का सदस्य चुन लिया गया। हालांकि मतदान करने के लिए विधायक एमएलसी सहित कुल 94 सदस्य उपस्थित हो गए थे।
एक दिसंबर को नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद से तीसरे प्रयास में मंगलवार को कार्यकारिणी चुनाव हो पाया। पहला जनवरी में और दूसरा मार्च में चुनाव कराने का प्रयास हुआ, जो सफल नहीं रहा। तीसरे प्रयास में मंगलवार को इस चुनाव में सफलता मिल पाई।
सुुबह 10.30 बजे विपक्ष के पार्षद टाउन हाल मैदान पहुंचे और हॉल के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्ष 23 मार्च को सदन की बैठक के दौरान हुए हंगामे में दर्ज मुकदमे को वापस करने की मांग करने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही महापौर मृदुला जायसवाल 10.59 बजे विपक्ष के धरनास्थल पर पहुंची और उन्होंने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद सभी सदस्य 11 बजे सदन में पहुंच गए। सदन की कार्यवाही वंदे में पिछली बार हुए हंगामे को लेकर निर्दलीय पार्षद अजीत सिंह ने सदन के सामने निंदा प्रस्ताव रखा और मुकदमे को वापस लेने की बात कही। जिसे सभी पार्षदों ने प्रस्ताव को सहमति दे दी। सदन की अध्यक्ष महापौर मृदुला जायसवाल ने नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए विधि सम्मत मुकदमा वापस लेने का निर्देश दिया।
अध्यक्ष ने इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। सभी पार्टी की ओर से सदस्यों का नाम दिया गया, जिस पर कोई आपत्ति नहीं हुई। अंतत: अध्यक्ष ने निर्विरोध सभी 12 सदस्यों के नाम की घोषणा कर दी। इन सदस्यों में भाजपा के छह, कांग्रेस के तीन, सपा के दो और निर्दल का एक पार्षद शामिल हैं।