मुख्य अभियंता की जांच में पता चला है कि नवीन ओखला से बिना रिलीव हुए ही नगर निगम वाराणसी का चार्ज संभाल लिया था। ऐसे में नगर निगम ने इनको चार्ज कैसे दे दिया। क्यों कि अगर रिलीविंग आदेश नहीं है तो स्थानांतरित कर्मचारी को नए पद पर ज्वाइनिंग नहीं दी जा सकती।
अगर ज्वाइनिंग दे भी दें तो वेतन रुक जाता है। डेढ़ माह बीतने के बाद भी मुख्य अभियंता बीके सिंह की सर्विस बुक और रिलीविंग आदेश वाराणसी नहीं पहुंचा था। यही कारण है कि उन्हें अब तक कोई वेतन वाराणसी नगर निगम से जारी नहीं किया गया था।
वहीं वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में भी अवैध होर्र्डिंग का खेल चल रहा है। लेकिन दायरा बड़ा होने के चलते न तो किसी को जानकारी मिल पाती है और न ही कोई लिखित रूप से शिकायत हो पाती है।
ऐसे में विज्ञापन लगवाने वाले बड़ी ही चालाकी से अधिकारियों की शह पर यह खेल चला रहे हैं। इसमें अधिकारी भी अनुमति के नाम पर आवेदन अपने पास रखकर अवैध रूप से विज्ञापनों को लगवाते हैं और उससे सरकारी राशि का दुरुपयोग करते हैं।