अख्तर ने बताया कि चांदनी से लंबे समय से बातचीत नहीं होती थी। राजू खान से भी उनका पारिवारिक विवाद चल रहा था। उन्हें यह जानकारी थी कि घर में पटाखे बनाने का काम होता था। चांदनी की मां परवीन ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 18 वर्ष पहले राजू खान से हुई थी। विस्फोट के बाद से परिवार के लोग अपनों की तलाश में परेशान हैं। एहतियातन मंडलीय अस्पताल में दो महिला उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार शाम पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए तेज विस्फोट से राजू खान का मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में राजू खान और परिवार के सदस्यों के दबे होने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान चलाया।
विस्फोट की आवाज करीब 400 मीटर के दायरे में सुनाई दी थी। इसकी धमक से आसपास के छह मकानों के खिड़की-दरवाजे और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। आसपास के कुछ लोगों को भी चोटें आईं। हादसे के बाद से लापता परिजनों की तलाश और घायलों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है।