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सामूहिक दुष्कर्म मामला: 12 जगह की फुटेज, सीडीआर और इंस्टाग्राम की चैट से तैयार होगा युवती का डिजिटल फुटप्रिंट

Sat, 19 Apr 2025 06:31 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: एसआईटी ने लालपुर पांडेयपुर थाने के सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे की जांच शुरू कर दी है। 30 दिन में रिपोर्ट देनी है। ऐसे में 12 जगह की फुटेज, सीडीआर और इंस्टाग्राम की चैट से युवती का डिजिटल फुटप्रिंट तैयार किया जाएगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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वाराणसी जिले के लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गठित एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। एसआईटी प्रमुख ने सबसे पहले युवती का डिजिटल फुट प्रिंट तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। जांच टीम से कहा है कि सिगरा स्थित सिटी कमांड सेंटर की मदद से 12 जगहों की सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए। पीड़िता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन और उसके इंस्टाग्राम अकाउंट के चैट देखे जाएं। 29 मार्च से 3 अप्रैल तक की पूरी गतिविधि की जानकारी जुटाई जाए, फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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युवती की मां के अनुसार, उनकी बेटी के साथ गत 29 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 12 नामजद और 11 अज्ञात आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एफआईआर के अनुसार दुष्कर्म के बाद युवती लंका, हुकुलगंज, नदेसर, मलदहिया, सिगरा आईपी मॉल के पास, अस्सी घाट, चौकाघाट, औरंगाबाद और दो होटल के बाहर छोड़ी गई थी। वह दो बार अपनी सहेली के घर गई थी। 

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अब इन सभी 12 स्थानों के सीसी फुटेज सुरक्षित किए जाएंगे। एसआईटी प्रमुख ने कहा है कि युवती के मोबाइल फोन की लोकेशन और सीडीआर भी लें। युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट की चैट और पोस्ट का विवरण जुटाएं। ताकि, यह स्पष्ट हो सके कि युवती कब, कहां और किसके साथ थी। इस संबंध में कोई स्वतंत्र साक्षी शपथ-पत्र के साथ कोई जानकारी दे तो उसे भी जांच में शामिल करें।

उधर, इस संबंध में एसआईटी के प्रमुख डीसीपी वरुणा जोन/क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि बैठक करके टीम में शामिल अफसरों और पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी बता दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर पुलिस आयुक्त को सौंपी जाएगी।

मेडिकल रिपोर्ट पर सलाह लेंगे, युवती के सहेली का बयान दर्ज करेंगे
एसआईटी के मुताबिक, युवती की मेडिकल रिपोर्ट पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से परामर्श लिया जाएगा। युवती की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले थे। वह अपने घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर अपनी सहेली के घर दो बार रुकी थी। अब उस सहेली का भी बयान दर्ज किया जाएगा। पूछा जाएगा कि क्या पीड़िता ने उसे अपने साथ हुए दुष्कर्म की जानकारी दी थी।

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आरोपियों के परिजनों के पास जो साक्ष्य हों दें

एसआईटी प्रमुख ने कहा कि आरोपियों के परिजनों के पास जो भी दस्तावेजी या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हों, वह प्रस्तुत करें। तोर-मरोड़ कर या गलत तरीके से साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हर साक्ष्य का सत्यापन कराया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने की थी लापरवाही

गत 29 मार्च से लापता युवती को चार अप्रैल को लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने बरामद किया तो उसका कहना था कि वह अपने घर नहीं जाएगी। वह पुलिस से अपने परिजनों की ही शिकायत कर रही थी। लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने न वीडियो कैमरे के सामने उसका बयान दर्ज कराया, न किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कराया। न ही उसे वन स्टॉप सेंटर भिजवाया। उल्टे लालपुर पांडेयपुर थाने में ही युवती और उसके परिजनों के बीच पुलिस ने पंचायत कराई। इसके बाद युवती को समझा-बुझाकर उसके घर भेज दिया। इसके दूसरे दिन पांच अप्रैल को युवती अपने परिजनों के साथ लालपुर पांडेयपुर थाने गई और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले को शुरू से गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती तो शायद स्थिति कुछ और होती।
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