6 मई 2024 को व्हाट्सअप कॉल करके गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत शिवपुर थाने में दर्ज कराई लेकिन शशिकांत से मिली भगत कर शिवपुर पुलिस और उच्चाधिकारियों ने उक्त मुकदमे में आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए मारपीट की मामूली धाराओं में उसके मुकदमे में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ सारनाथ थाने में रंगदारी समेत विभिन्न धाराओं में फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।
बाद में उक्त मामलों तत्कालीन थाना प्रभारी परमहंस गुप्ता द्वारा मनमाने ढंग से धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिसके बाद उन्हें लूट के मामले में एक पत्रकार संग आरोपी भी बनाया गया।