अज्ञात के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
मृतक के भाई सुरेंद्र कुमार पटेल ने 22 अक्तूबर को शिवपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, राजेश की पत्नी अनीता और बेटे शिवम ने उन्हें हमले की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 और 110 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। राजेश की मौत के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जानी है।
राजेश पटेल की फाइल फोटो।
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65 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी
राजेश की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात करीब 9:30 बजे पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर शिवपुर रेलवे स्टेशन से पिसौर जाने वाले मार्ग पर पिसौरी माता गेट के पास पहुंचे और चक्काजाम कर दिया।
मृतक के भाई दिनेश पटेल ने आरोप लगाया कि घटना के करीब 65 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस आरोपी का पता नहीं लगा सकी है। परिजनों ने मांग की कि हमले में शामिल व्यक्ति की पहचान कर उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
छोटे बेटे को पुलिस द्वारा ले जाने पर भी सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक के छोटे बेटे शिवम पटेल (20) को पुलिस पोस्टमार्टम हाउस से अपने साथ ले गई। इसको लेकर भी परिवार ने नाराजगी जताई। हालांकि, शिवम को ले जाने के कारण के संबंध में पुलिस का पक्ष स्पष्ट नहीं हो सका।
राजेश छह भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी अनीता और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शुभम (22) बाहर रहता है, जबकि छोटा बेटा शिवम गांव में रहकर पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। राजेश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।