पूर्व एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी माइनारिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन सिराज मेहदी ने मंगलवार को माइनारिटी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया । इस फैसले से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है।
सिराज मेहदी काफी समय से कांग्रेस माइनारिटी डिपार्टमेंट का अध्यक्ष पद संभाल रहे थे। मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नदीम जावेद को बनाए जाने के बाद सिराज मेहदी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद , अशोक गहलोत व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को भेज दिया।
वैसे तो सिराज मेहदी ने अपने इस्तीफे में कहा है कि एक व्यक्ति एक पद का मैं पक्षधर हूं। मेरे पास वर्तमान समय में प्रदेश कांग्रेस के दो पद थे। इसलिए हमने एक पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर मैं पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कार्य करता रहूंगा। लेकिन उनके इस्तीफे को नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
अगर सिराज मेहदी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहते तो उन्हें इसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना पड़ता। नदीम जावेद सिराज मेहदी के सामने कद में काफी छोटे हैं और दोनों लोग मूल रूप से जौनपुर के निवासी हैं।
नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना शायद सिराज मेहदी को गवारा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य वरिष्ट नेताओं को भेजे गए इस्तीफे में एक व्यक्ति एक पद की बात कही है लेकिन उनकी इस्तीफा नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के ठीक बाद आया है।