रेल सफर के दौरान 18 साल बाद एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय मिलेगी। खादी ग्रामोद्योग व रेलवे के बीच करार भी हो चुका है। जुलाई में शुरुआत पूर्वोत्तर मध्य रेलवे से होगी। रेलवे स्टेशन को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए लालू प्रसाद यादव ने अपने रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान कुल्हड़ वाली चाय की शुरुआत की थी। लेकिन प्लास्टिक और पेपर के कप ने चुपके से कुल्हड़ की जगह हथिया ली।
अब दोबारा से स्टेशनों पर कुल्हड़ की बिक्री से स्टेशनों को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम होगा। रेलवे स्टेशन पर कुल्हड़ का प्रयोग होने से कुम्हारों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। पुरानी परंपरा भी जीवंत होगी। आधुनिकता के दौरान में मिट्टी के बर्तनों व दोना पत्तल का कारोबार खत्म होने के कगार पर था। लेकिन अब खादी ग्रामोद्योग आयोग व रेलवे की पहल से फिर से इसको एक नई दिशा मिलेगी।
40 स्टेशनों पर जल्द शुरू होगी सप्लाई
रेलवे खादी ग्रामोद्योग आयोग विभाग की ओर से देशभर के 400 स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय के साथ ही मिट्टी के ग्लास, प्लेट व दोना पत्तल में खाद्य सामग्री परोसी जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग वाराणसी को प्रारंभिक तौर पर पं दीनदयाल जंक्शन समेत कुल 40 स्टेशनों पर आपूर्ति करने की बात हुई है। इसी क्रम में विभाग की ओर से जिले में कुम्हारों के साथ ही दोना पत्तल वाले कारीगरों की सूची तैयार की जा रही है।
रेलवे की ओर से अभी 40 स्टेशनों पर मिट्टी के बर्तन के आपूर्ति की बात चल रही है। इससे करीब एक हजार कारीगरों को काम मिलेगा।
- डीएस भाटी, निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग