बभनियांव गांव में चल रहे उत्खनन कार्य में प्राचीन शिव मंदिर में प्रवेश करने का द्वार पूर्वाभिमुख था। रविवार को खुदाई के बाद यह प्रमाण मिले। गोल वृत्ताकार गर्भगृह में तत्कालीन लोग पश्चिमी छोर से पूर्व की ओर मुख करके मंदिर में प्रवेश करते रहे होंगे। प्रवेश द्वार के पास पत्थर भी लगा हुआ है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एके सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में बरसात को देखते हुए अध्ययन की दृष्टि से उत्खनन कार्य में तेजी लाई गई है। सोमवार को इस प्राचीन अवशेष की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए ऊपर के चौकोर गर्भ गृह के कुछ हिस्सों को हटाया जाएगा। ताकि नीचे के अवशेष के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके। शाम को इस स्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग और मैपिंग की गई ताकि अध्ययन और पठन-पाठन के लिए इसे सुरक्षित रखा जा सके।