वाराणसी। अनामिका शुक्ला के बाद कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षक/कर्मचारियों के अभिलेखों की जांच-पड़ताल शुरू हो गई। जांच के दौरान ही जौनपुर व आजमगढ़ जिले में प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला सामने आया है। इसके बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने वाराणसी व आजमगढ़ मंडल में सभी कर्मचारियों के दस्तावेज को जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिले स्तर पर कमेटी बनाई गई है। वहीं मंडल स्तरीय जांच के लिए कमेटी जल्द ही बनाई जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के एडी बेसिक प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बताया कि परियोजना द्वारा शिक्षकों/कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट मांगी गई है, जिसे जांच पूरी कर 26 जून को परियोजना कार्यालय को भेज दिया जाएगा। वहीं कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में कार्यरत स्टाफ को अपनी फोटो और अन्य विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने आदेश दिया है कि यदि विवरण अपलोड नहीं करते हैं तो कर्मचारी की उपस्थिति मान्य नहीं होगी और उनको मानदेय भी नहीं दिया जाएगा।
बनारस में भी दो शिक्षक संदेह के घेरे में
रविवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि अनामिका शुक्ला मामला संज्ञान में आने के बाद में सीडीओ मधुसूदन हुल्गी के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो कस्तूरबा विद्यालय में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों के दस्तावेज की जांच कर रही है। इसी के दौरान जिले में दो शिक्षक संदेह के घेरे में है। उनके दस्तावेज और अभिलेख की सख्ती से जांच कराई जा रही है। जांच कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी चिरईगांव, अराजीलाइन और हरहुआ शामिल है। बीएसए ने बताया कि जिले में छह कस्तूरबा संचालित हैं, जिसमें 88 शिक्षक/कर्मचारी तैनात हैं। अब तक 60 प्रतिशत शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है।