शिवपुर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़ित के बयान, गवाहों की गवाही और स्कूल के अभिलेखों के आधार पर घटना के समय उसकी उम्र 10 साल से अधिक मानी। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 10 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने के साथ आईपीसी की धारा 377/511 में भी 10 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।