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काशी में गंगा का सिमटता जल, भारी पड़ रहा हर पल, कई मुहल्लों की स्थिति भयावह

Sun, 24 Jun 2018 01:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी में सिमटी गंगा - फोटो : अमर उजाला
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इसे प्रदूषण का असर कहें या शासन-प्रशासन की लापरवाही लेकिन गंगा अपने बच्चों को ही इस समय प्यासा रखने पर उतारू है और हर रोज अपने जल को समेटती जा रही हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि गंगा के पानी पर निर्भर कई इलाकों में त्राहिमाम की स्थिति आ गई है।
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जागृति नगर, पक्का महाल, बंगाली टोला, दशाश्वमेध घाट, भदैनी आदि मुहल्लों में पानी की दिक्कत पैदा हो गई है। मंड़ुवाडीह क्षेत्र में भी दो सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हुई। इससे लोग पानी के बिना तड़प गए हैं। इससे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, यदि स्थिति यही रही तो शहर में पानी के लिए लोग बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। 

 गंगा के गिरते जलस्तर से काशी में पानी संकट गहरा गया है। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति में कटौती कर दी गई है। गंगा के किनारे के मोहल्लों में हालत ज्यादा खराब है। मंडुवाडीह क्षेत्र के नई बस्ती इलाके में तो दो सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। इससे लोगों में काफी आक्रोश है।  
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गंगा तट पर रहने वालों को अब पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। जलस्तर कम होने के कारण जलकल विभाग गंगा से मांग के सापेक्ष पानी नहीं लिफ्ट कर पा रहा है। हालात यह हो गई है कि लोग पानी के लिए सड़क पर उतरने लगे हैं। पक्का महाल, बंगाली टोला, दशाश्वमेध घाट, भदैनी समेत कई इलाके जलसंकट से जूझ रहे हैं। 

मंडुवाडीह के जागृति नगर में कभी-कभी ही पानी आ रहा है लेकिन वह भी गंदा आ रहा है। स्थानीय निवासी अमित सिंह ने बताया कि जल निगम में इसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। दूसरी तरफ शिवदासपुर नई बस्ती की महिलाओं और पुरुषों ने पानी टंकी पर नारेबाजी भी की। नई बस्ती इलाके में तो दो सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है। 

गंगा के जलस्तर में रोजाना गिरावट हो रही है। डीएम ने गंगा में पानी छोड़े जाने के लिए सिंचाई विभाग को करीब दो महीना पहले पत्र लिखा था, आश्वासन भी मिला था लेकिन पानी नहीं छोड़ा गया। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में गंगा का जलस्तर 57.52 मीटर है जो 2010 के सबसे कम जलस्तर 57.1 मीटर से महज 51 सेंटीमीटर ही दूर है। गंगा का जलस्तर जिस रफ्तार से घट रहा है वह कायम रहा तो आने वाले दौर में हाहाकार मच जाएगा। 
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अनिल राजभर - फोटो : अमर उजाला
यू.एस.एस. फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने नुरुद्दीन शहीद फुलवरिया में पानी की समस्या को दूर करने के लिए शिवपुर विधानसभा के विधायक अनिल राजभर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पानी की समस्या तीन साल से है। 20 साल पहले पानी की पाइपलाइन बिछाई गई थी। अब उसमें चोक लेने के कारण तीन साल से आधे गांव को पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। वहां पानी पीने के लिए मात्र कुआं है। जून माह में वह सूखने के कगार पर पहुंच जाता है। 


पानी के लिए सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस ने शुक्रवार को घड़ा फोड़ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। पक्के महाल और पुरबिया महाल में जलापूर्ति काफी प्रभावित है।

सीएम योगी आदित्यनाथ अपने पिछले वाराणसी दौरे में अधिकारियों को चेता चुके हैं। लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है। यही वजह है कि घड़ा लेकर जलकल के दफ्तर के बाहर विरोध करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि अधिकारी नहीं चेतते हैं, तो हर वार्ड में प्रदर्शन करेंगे। 
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