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Varanasi: मलेरिया पर नियंत्रण की दिशा में आगे बढ़ रहा बनारस, 2022 में केवल 69 मामले, इस साल अब तक 17 केस

Wed, 07 Jun 2023 10:40 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में वर्तमान में मलेरिया का एनुअल पैरासाइट इंडेक्स 0.01 है।  वर्ष 2018 में 348 मलेरिया के मरीज पाए गए थे और वर्ष 2022 में 69 रह गए। इस साल अबतक 17 मामले सामने आए हैं। 
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डेंगू-मलेरिया वार्ड (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मलेरिया पर नियंत्रण के लिए वाराणसी जिले में मलेरिया रोधी माह के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण व शहरी इलाके में लार्वा नष्ट करने का अभियान चल रहा है। स्वास्थ्य टीम ग्राम स्तर पर स्क्रीनिंग कैंप लगाकर लोगों की मलेरिया जांच के साथ समुदाय को जागरूक कर रही है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जन भागीदारी व जन आंदोलन से ही मलेरिया को दूर किया जा सकता है।

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जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 32 और शहरी इलाकों के लिए 18 टीमें तैयार की गई हैं। घर-घर जाकर हर रविवार मच्छर पर वार का संदेश दिया जा रहा है। वर्ष 2018 में 348 मलेरिया के मरीज पाए गए थे और वर्ष 2022 में 69 रह गए। अब तक 50 हजार से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 16 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। वर्तमान में मलेरिया का एनुअल पैरासाइट इंडेक्स 0.01 है। इसको देखकर कहा जा सकता है कि हम मलेरिया उन्मूलन की दिशा तेजी से बढ़ रहे हैं।
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साल दर साल घट रहे मामले

  • वर्ष 2017 – 406
  • वर्ष 2018 - 348
  • वर्ष 2019 - 271
  • वर्ष 2020 - 46
  • वर्ष 2021 - 164
  • वर्ष 2022 – 69
  • वर्ष 2023 में अब तक – 17
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मलेरिया के लक्षण

  • सर्दी व कंपन के साथ एक-दो दिन छोड़कर बुखार।
  • तेज बुखार, उल्टियां और सिर दर्द।
  • बुखार उतरते समय बदन का पसीना-पसीना होना।
  • बुखार उतरने के बाद थकावट एवं कमजोरी होना।
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