वाराणसी में दरोगा से दुर्व्यवहार के मामले में तीन और आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर हो गई है। अदालत ने इस मामले में कहा कि पुलिस ने सीसी फुटेज नहीं पेश किया। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी भी नहीं है।
पुलिस ने सीसी फुटेज नहीं पेश किया। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। आरोपियों का आपराधिक इतिहास नहीं है। एक आरोपी नितेश नरसिंघानी की जमानत अर्जी पहले ही मंजूर हो चुकी है।
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ऐसे में तीन अन्य आरोपियों की सशर्त जमानत मंजूर की जाती है। यह टिप्पणी विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) अनिल कुमार पंचम की अदालत ने दशाश्वमेध थाने के दरोगा आनंद प्रकाश की हत्या के प्रयास और बलवा सहित अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमे के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए की।
दशाश्वमेध थाने में दरोगा आनंद प्रकाश की तहरीर के आधार पर आठ अप्रैल को पांच नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। दरोगा का आरोप है कि सात अप्रैल की रात गोदौलिया चौराहा पर बगैर नंबर प्लेट की बाइक रुकवा कर कागज मांगने पर उनकी वर्दी से बैज, बिल्ला और बटन नोच ली गई।
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बदसलूकी करते हुए डंडे से प्रहार किया गया। जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले के तीन आरोपियों नीतीश सिंह, सनी गुप्ता और संतोष गुप्ता को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने एक-एक लाख रुपये के दो-दो जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।