फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: गंगा का जलस्तर कम हुआ तो हो सकती है बड़ी मुसीबत, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भेजा पत्र

Tue, 20 Jun 2023 10:24 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गंगा से ही शहर की जलापूर्ति की जाती है। भदैनी पर लगे पंप से पानी जलकल परिसर भेलूपुर लाया जाता है, जहां फिल्टर करके जलापूर्ति की जाती है। जानकारी के मुताबिक, गंगा का जलस्तर और कम हुआ तो भदैनी पर लगे पंप पानी नहीं खींच पाएंगे। ऐसा हुआ तो शहर की जलापूर्ति प्रभावित होगी।
विज्ञापन
वाराणसी: शाम चार बजते ही दशाश्वमेध घाट को कराया गया खाली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गंगा के घटते जलस्तर से शहर की जलापूर्ति बाधित हो सकती है। इस समय गंगा का जलस्तर 58.35 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नौ से 15 जून के बीच गंगा के जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। अब जलकल ने पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग कानपुर के अधिकारियों को पत्र भेजा है। गंगा बैराज से पानी छोड़ने के बाद जलस्तर ठीक हो सकेगा।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- Varanasi news: दिल्ली से काठमांडू जा रहे विमान की वाराणसी में लैंडिंग, सहमे 170 यात्री, सामने आई ये वजह

गंगा से ही शहर की जलापूर्ति की जाती है। भदैनी पर लगे पंप से पानी जलकल परिसर भेलूपुर लाया जाता है, जहां फिल्टर करके जलापूर्ति की जाती है। जानकारी के मुताबिक, गंगा का जलस्तर और कम हुआ तो भदैनी पर लगे पंप पानी नहीं खींच पाएंगे। ऐसा हुआ तो शहर की जलापूर्ति प्रभावित होगी। भीषण गर्मी के बीच शहर के कई इलाके पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पक्का महाल, चौक क्षेत्र में समस्या सबसे ज्यादा है। इसके लिए जलकल ने छह फीडर बनाए हैं, लेकिन गर्मी में इनका संचालन बेहतर ढंग नहीं हो पा रहा है।

अभी पानी की दिक्कत नहीं है। गंगा का जलस्तर और कम हुआ तो दिक्कत आएगी। इसे देखते हुए ही सिंचाई विभाग कानपुर के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। गंगा बैराज से पानी छोड़ने की मांग की गई है। - रघुवेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जलकल

विज्ञापन

एक नजर में

20.63 लाख- जनसंख्या

276 एमएलडी की आवश्यकता

348 एमएलडी जल का उत्पादन

160 एमएलडी गंगा से लिफ्ट करके

188 एमएलडी अन्य स्रोतों से

168 नलकूप

133 मिनी नलकूप

 

ऐसे बचाएं पानी

बर्तन धोने के लिए नल की जगह बाल्टी या टब का इस्तेमाल करें।

टूथ ब्रश करते समय नल लगातार न खुला छोड़ें।

कार साफ करने के लिए बाल्टी में इस्तेमाल करें, इससे करीब 130 लीटर पानी बचा सकते हैं।

बाथरूम में लीकेज से पानी बर्बाद हो जाता है, इसलिए तुरंत सुधरवा लें।

आरओ मशीन में हर साल करीब 14 हजार लीटर पानी नष्ट होता है। इस पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों को सींचने और गाड़ी धोने में करें।

शॉवर, स्वीमिंग पूल और बाथ टब की बजाय सामान्य रूप से नहाएं।

वॉशिंग मशीन में कपड़ा धोने से पानी ज्यादा खर्च होता है इसलिए कम कपड़े हैं तो हाथ से धोएं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें