वाराणसी की पहचान बन चुका गंगा महोत्सव को काशी से जोड़ने के लिए अब इसका नाम काशी गंगा महोत्सव होगा। गंगा महोत्सव प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान जनवरी, 2019 में अस्सी घाट पर किया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में गंगा महोत्सव एवं गांधी शिल्प मेला आयोजन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि काशी गंगा महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय उभरते कलाकारों को अवसर दिया जाए। वाटर स्पोर्ट्स, रंगोली फोटोग्राफी व उसकी प्रदर्शनी आदि रखी जाएं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन के लिए समिति होगी। कमिश्नर ने कहा कि महोत्सव का आय-व्यय बराबर हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम या अन्य कार्यों की स्पांसर के लिए धनराशि सीधे कलाकार व कार्यकर्ता को हो। बैठक में काशी गंगा महोत्सव में घाटो एवं पर्यटक स्थलों में व्यापक साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मार्गों के सुदृढ़ीकरण पार्किंग सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्था आदि बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में पंडित छन्नूलाल मिश्र ने सुझाव रखा कि महोत्सव में सांस्कृतिक संगीत का मंच प्रमुख हो। गंगा महोत्सव के पूर्व सांस्कृतिक संकुल में होने वाला स्कूली बच्चों के कार्यक्रम अब महोत्सव के पूर्व की तिथियों 19 से 22 नवंबर, 2018 को होगा। इसका स्थान भी संभव हुआ तो अस्सी घाट पर होगा।
20 नवंबर से होगा गांधी शिल्प मेला
गांधी शिल्प मेला 20 नवंबर से 29 नवंबर 2018 तक अर्बन हाट सांस्कृतिक संकुल व ट्रामा सेंटर मैदान में कराए जाने का निर्णय हुआ। मेले में अस्थाई पुलिस चौकी, चिकित्सा सुविधा, फायर ब्रिगेड व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था पर चर्चा एवं क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। निशुल्क पेयजल के अलावा वाटर एटीएम की व्यवस्था होगी। मेले में फ्लावर कंपटीशन, डॉग शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए।