जिला जज की अदालत में बुधवार को ज्ञानवापी से जुड़े दो मामलों में शोक सभा के चलते सुनवाई टल गई। इसमें ज्ञानवापी को हिंदुओं को सौंपने की मांग पर 15 दिसंबर को सुनवाई होगी, जबकि ज्ञानवापी परिसर में हुए सर्वे के आदेश के खिलाफ रिवीजन के खिलाफ याचिका पर 12 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।
अधिवक्ता के निधन के कारण दोनों मामलों में अलग-अलग तारीख पड़ गई है। ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले की चार महिला वादियों और किरन सिंह की तरफ से सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट में ज्ञानवापी को हिंदुओं को सौंपने और मिले शिवलिंग के पूजा पाठ की अनुमति मामले को शृंगार गौरी मूल वाद के साथ सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में किरन सिंह की तरफ अधिवक्तागण मानबहादुर सिंह, शिवम गौड़, अनुपम द्विवेदी को आपत्ति दाखिल करनी है, इस मामले में सुनवाई की तारीख 15 दिसंबर नियत की गई है।
दूसरे मामले में सर्वे आदेश के खिलाफ अंजुमन इन्तजामिया मसाजिद की तरफ से रिवीजन याचिका दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई होनी थी। इस मामले में भी एक अधिवक्ता के निधन से बार द्वारा पारित शोक प्रस्ताव के मद्देनजर सुनवाई की तारीख 12 दिसंबर नियत कर दी गई।