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जीएसटी पोर्टल से कारोबारियों का डाटा गायब

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जीएसटी पोर्टल में कई तरह की खामियां आ रही हैं। कारोबारियों द्वारा भरा गया रिटर्न का डाटा पोर्टल से गायब हो जा रहा है। कांफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी जाहिर की है। बोले कि स्थानीय अधिकारियों ने इसे पोर्टल की त्रुटि बताते हुए अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है।
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प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि जीएसटी पोर्टल पर अब अक्टूबर 2018 माह की बिक्री का ब्यौरा गायब हो गया है। अभी कुछ दिन पूर्व पोर्टल पर से जुलाई 2017 का डाटा गायब हो गया था। इससे वह व्यापारी काफी परेशान हो गए थे, जिन्होंने उसको डाउनलोड नहीं किया था। अब पता चला है कि ऐसे कई व्यापारी हैं जिनके पोर्टल पर अक्टूबर 2018 माह की बिक्री के आंकड़े शून्य दिखा रहे हैं। जबकि व्यापारी के द्वारा बिक्री के आंकड़ों का रिटर्न जीएसटीआर-1 जमा करते समय सभी आंकड़ों को भरा गया था और पीडीएफ डाउनलोड किया, जिसमें भी सभी आंकड़े दिख रहे हैं। कहा कि वर्ष 2018-19 के वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर-9 को भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। जब व्यापारी और टैक्स प्रोफेशनल ने रिटर्न भरना शुरू किया तो पुराने रिटर्न से पोर्टल पर मिलान करना होता है। जिसमें पाया गया कि बहुत से व्यापारियों के बिक्री के आंकड़े पोर्टल पर शून्य दिखा रहे हैं, जबकि रिटर्न की हार्ड कापी, जो पोर्टल से डाउनलोड की गई है, उनमें आंकड़े मौजूद हैं। पूर्वांचल प्रभारी अखिलेश मिश्रा व प्रभाकर चौरासिया ने कहा कि जीएसटी का पोर्टल एक भद्दा मजाक बन कर रह गया है। कभी भी कोई डाटा पोर्टल से गायब हो जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों से शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती। यही हाल रहा तो लोग जीएसटी से बाहर आने लगेंगे। जब पोर्टल पर डाटा शून्य दिखा रहा है, ऐसे में व्यापारी अपना रिटर्न नहीं भर सकता और अंतिम तिथि के बाद भरने पर पेनाल्टी भी देनी पड़ेगी, जबकि इसमें उसकी कोई गलती भी नहीं है।
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