वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से पानी एक बार फिर बढ़ेगा। उधर, पानी उतरने के बाद लोग मलबा हटाने में लगे हैं।
गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। रविवार को 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर कम हुआ। शीतला घाट स्थित मां शीतला के मंदिर की छत से पानी घट गया। ऐसे ही कोनिया क्षेत्र में भी पानी घटा तो लोग घरों के बाहर से मलबा हटाने में लगे रहे।
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केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से पानी एक बार फिर बढ़ेगा। रविवार की रात आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 69.70 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के जलस्तर में बीते चार दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पानी दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। बीते चार दिनों में जलस्तर में 0.98 मीटर गिरावट हुई है। फिर भी समस्याएं बरकरार हैं। कोनिया, सलारपुर, पुलकोहना आदि क्षेत्रों में भी हालात बद से बदतर हैं। वरुणा का पानी अब भी घरों में घुसा हुआ है।
पुलकोहना में लोग टेंट में रह रहे
पुराना पुल इलाके के पुलकोहना नाले के किनारे बसे लोगों के कई मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया। इससे तीन परिवार नाले के किनारे टेंट लगाकर जीवन गुजार रहे हैं। बगल से पाइप लगा कर पेयजल की व्यवस्था की गई है। साबिया बीबी, अंजू देवी, खैरुन निसां का कहना है कि टेंट लगा कर रह रहे हैं। कई जिम्मेदार अधिकारी पूछने नहीं आया। पुराना पुल रूपनापुर इलाके में डेढ़ फीट पानी लगा है। प्रभात, जवाहिर आदि का कहना है कि बाढ़ का पानी जरूर कम हुआ है लेकिन गंदगी होने से रहना मुश्किल हो गया हैं।