15 मौतों के मामले में सेतु निगम के सात अभियंता और एक ठेकेदार गिरफ्तार
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वाराणसी के चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेतु निगम के सात अभियंताओं, एक ठेकेदार समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब सवाल उठता है कि निर्माण कराने वाली कार्यदायी एजेंसी पर कार्रवाई के बाद हादसे के लिए दोषी बाकी विभागों के जिम्मेदार कब जेल जाएंगे।
दरअसल इसके निर्माण के साथ ही लगातार कैंट से लहरतारा जाने वाले मार्ग को बंद करने और रूट डायवर्जन की बात कही गई थी। उस दौरान किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जहमत नहीं उठाई, जबकि हादसे के ढाई महीने बाद तक अब भी रास्ता बंद है और रूट डायवर्ट किया गया है।
यह सुविधा पहले आम जनता को क्यों नहीं दी गई। क्या हादसे के बाद ही शासन प्रशासन जागेगा। इस निर्माण में केवल सेतु निगम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, यातायात, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग के अधिकारी भी दोषी हैं, जिन्होंने समय रहते आम जनता की सहूलियतों का ध्यान नहीं रखा।
उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया। मानकों की अनदेखी न केवल सेतु निगम बल्कि बाकी विभागों के अधिकारियों ने भी की थी। जनता को निष्पक्ष न्याय की उम्मीद है। योगी सरकार बाकी विभागों के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की योजना बना रही है।
सेतु अभियंता एसोसिएशन ने एक पक्षीय कार्रवाई का लगाया आरोप
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सेतु अभियंता एसोसिएशन की बैठक लखनऊ में हुई। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक तिवारी ने एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल सेतु निगम के अभियंताओं को दोषी मानना ठीक नहीं है। रूट डायवर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखा गया था।
अभियंताओं को गिरफ्तार करना न्याय संगत नहीं है। जो धाराएं पुलिस ने लगाई है वह भी ठीक नहीं है। एसोसिएशन गिरफ्तारी का विरोध करती है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मांग की गई कि सरकार की ओर से अभियंताओं का पक्ष रखते हुए गिरफ्तारी रोकी जाए। ऐसा नहीं होने पर काम ठप करने की चेतावनी दी गई।
कोई खराब स्वास्थ्य का देता रहा हवाला तो कोई रहा मौन
15 मौतों के मामले में सेतु निगम के सात अभियंता और एक ठेकेदार गिरफ्तार
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क्राइम ब्रांच ने सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित आठ आरोपियों को हिरासत में लिया और लिखापढ़ी के लिए सिगरा थाने ले आई। इस दौरान किसी ने अपने बीमार होने की दुहाई दी तो किसी ने कहा कि ड्राइवर को बुला दीजिए दवा खानी है। जेल जाने की बात सुनते ही सभी रुआंसे से हो गए। बाहर निकलने पर पत्रकारों के सामने कोई मुंह छिपा रहा था तो किसी का कहना था कि हमारी कोई गलती नहीं है। हमें गलत तरीके से जेल भेजा जा रहा है। अदालत में आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उन्हें जेल न भेजे जाने का अनुरोध किया लेकिन मांग खारिज कर दी गई। एयरकंडीशन के बीच उच्च सुविधाओं वाला जीवन जीने वाले आठों आरोपी जिला जेल में प्रवेश करने के बाद खासे परेशान दिखे।
बाहर जाने पर थी पाबंदी, गिरफ्तारी की नहीं लगने दी थी भनक
बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हुई थी, जल्द ही कुछ और होंगे गिरफ्तार
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चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद सेतु निगम के चिह्नित अधिकारियों के शहर छोड़ने पर क्राइम ब्रांच ने पाबंदी लगा रखी थी। सेतु निगम के अधिकारियों से फ्लाईओवर से जुड़ा सवा दो सौ पन्ने का दस्तावेज कब्जे मेें लिया गया था। वहीं, शनिवार को भी सभी को पूछताछ की बात कह कर बुलाया गया और भनक लगे बगैर ही गिरफ्तार कर भेज दिया गया।
हालांकि इस बीच पुलिस कड़ाई से पेश नहीं आई और अस्पताल में मेडिकल मुआयना के दौरान आरोपी साथ आए सहयोगियों की मदद से मोबाइल से परिजनों से बात करते रहे। उधर, क्राइम ब्रांच के अनुसार अभी इस मामले की विवेचना जारी है।
इसलिए अभी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ अन्य को गिरफ्तार भी किया जाएगा। अब तक की कार्रवाई के दौरान 45 से ज्यादा लोगों का बयान दर्जन किया गया है। इसके बाद जाकर अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।