बाढ़ की चपेट में नक्खीघाट, दिनदयालपुर, दनियालपुर, पुलकोहना, शैलपुत्री, सरैया, कोनिया नई बस्ती, वियईपुरा समेत कई इलाके आ चुके हैं। इन इलाकों में गलियों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भर गया है। हालात ये हैं कि लोग अपने घरों में फंसे हैं और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राशन, पीने का पानी, दवा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए बाढ़ पीड़ितों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कुछ इलाकों में एक बार बाढ़ राहत सामग्री पहुंचाई गई थी, लेकिन उसके बाद से कोई दोबारा हाल लेने नहीं आया। कोनिया नई बस्ती निवासी राजू कुमार, श्याम कुमार, दिलशाद, रिजवान, सकीना बानो और फातिमा ने बताया कि पहली बार जब नाव से कुछ खाद्य सामग्री दी गई थी, तब उम्मीद जगी थी कि सहायता नियमित रूप से मिलेगी। लेकिन, पिछले दो दिनों से राहत सामग्री नहीं दी गई।
इलाके में नाव की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए पानी में निकलना जोखिम भरा है और नाव के सहारे ही उन्हें अस्पताल या शिविरों तक पहुंचाना संभव है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नावों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित रूप से भोजन, पानी व चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की जाए।