हीरा की पत्नी और उसका साला फिरोज
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बहेड़वा हॉल्ट के पास ट्रेन रुकते ही घायल हीरा और बेटी रोजी के पास पहुंचे परिजनों ने उन्हें उठाया। ट्रेन स्कॉर्ट ड्यूटी में चल रहे जीआरपी ने नजदीकी पुलिस को सूचना दी। अचेतावस्था में पिता-पुत्री को पुलिस ने बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर परिसर में साले फिरोज ने बताया कि दोनों गेट पर थे कि अचानक भांजी रोजी गिर गई। अभी लोग कुछ समझ पाते कि जीजा हीरा ने ट्रेन से छलांग लगा दी। घटना की सूचना पाते ही दरभंगा से परिजन भी शाम तक पहुंच गए। शव देखते ही परिजन बेसुध हो गए।
जीआरपी की पूछताछ में कुछ यात्रियों ने बताया कि हीरा मानसिक रूप से बीमार भी लग रहा था। ट्रेन के अंदर कुछ अजीब हरकत कर रहा था। इस पर उसकी पत्नी जरीना ने उसे कई बार डांटा था। नई दिल्ली से ट्रेन छूटने के बाद अधिकतर समय तक वह अपनी बेटी को लेकर गेट के पास ही फर्श पर बैठ कर यात्रा किया था।
साले फिरोज के अनुसार जीजा नई दिल्ली स्थित किसी कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते थे। दीदी, जीजा और भांजी के साथ ही वह भी रहता था। बेटी और पति को खोने के बाद पत्नी जरीना बेसुध रहीं। फिरोज के अनुसार जनरल कोच में जगह नहीं मिलने पर स्लीपर में इसलिए जा रहे थे कि भांजी को कोई दिक्कत न हो। टीटीई ने कहा कि वाराणसी ट्रेन पहुंचने के बाद सीट उपलब्ध करा देगा।