वाराणसी में जंसा थाना क्षेत्र के रामेश्वर में आस्था का प्रतीक लोटा-भंटा मेले में बुधवार को लोग उमड़े। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोर से ही वरुणा में स्नान किया। इसके बाद रामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और भगवान शिव को बाटी चोखा का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया। मेले सुरक्षा को लेकर तमाम इंतजाम किए गए हैं। मेले में हर तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे थे। कोई खरीदारी कर रहा था तो कोई बाटी चोखा बनाते नजर आ रहा था।
बता दें कि यहां भोले शिव का पूजन-अर्चन कर पुत्र की मन्नतें मांगने के लिए लोग आते हैं। तीर्थ मान्यताओं के आधार पर भारत में जो स्थान दक्षिण में रामेश्वरम का, काशी में विश्वनाथ मंदिर का, प्रयाग में कुंभ तथा त्रिवेणी संगम का है, उसी तरह पंचक्रोशी तीर्थ यात्रा का तीसरा पड़ाव स्थल रामेश्वर का भी महत्व है।
पौराणिक गाथाओं के अनुसार सैकड़ों वर्ष पूर्व एक युवा दंपति ने नि:सन्तान जीवन से ऊबकर वैराग्य धारण कर लिया था। उन्होंने रामेश्वर मंदिर तीर्थ स्थल पर अगहन माह में कृष्ण पक्ष के छठे के दिन रात्रि विश्राम कर भोले शिव का पूजन-अर्चन कर पुत्र की मन्नतें मांगी थी।
भोले शिव के आशीर्वाद से दंपति को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। देश के कोने-कोने से पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए लोग लोटा भंटा के मेले में आकर भोले शिव को बाटी चोखा का प्रसाद चढ़ाकर उसे ग्रहण करते हैं।