प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का तबादला शनिवार शाम हो गया। उनकी जगह कानपुर नगर के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह लेंगे।
बनारस के करीब 20 महीने के कार्यकाल में जिलाधिकारी के रूप में योगेश्वर राम मिश्र के सामने कई चुनौतियां आई। हालांकि उनके तबादले को पिछले महीने हुए फ्लाईओवर हादसे में प्रशासन की भूमिका और विकास परियोजनाओं के पिछड़ने से जोड़ा जा रहा है।
प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार में 21 अक्तूबर 2016 को योगेश्वर राम मिश्र बतौर जिलाधिकारी वाराणसी में नियुक्त किए गए थे। इस दौरान कई चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति को भी बेहतर किया। इस दौरान राज्य और केंद्रीय परियोजनाओं को भी पूरी गति दी।
20 महीने के कार्यकाल में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की छवि बेहद मजबूत रही। अचानक हुए तबादले को लेकर प्रशासनिक महकमे में अलग अलग चर्चा है। उधर, कानपुर नगर से स्थानांतरित होकर बनारस आ रहे नए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह के सामने कई चुनौतियां होंगी।
पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते वीआईपी मूवमेंट और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना प्राथमिकता होगी। बनारस के विकास को लेकर तैयार हुए खाके में भी खुद को साबित करना होगा।
नवनियुक्त जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि शासन की मंशा के अनुरुप विकास कार्यो को गति देना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। मूलरुप से मथुरा के रहने वाले सुरेंद्र सिंह वर्ष 2005 बैच के आईएएस हैं।