डीएम ने तीन पेज के आरोप पत्र में कुल 13 अलग-अलग बिंदुओं में कमियों को बताया है। जिसमें सैंपल कलेक्शन के आंकड़ों को पोर्टल पर फीड न करने और प्राइवेट लैब आदि का डाटा भी फीड न करने की बात लिखी है। इसके अलावा पर्यवेक्षण ना करने का भी आरोप लगाया गया है।
जिलाधिकारी ने इसके लिए 3 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। इसके अलावा एडिशनल सीएमओ डॉ एके मौर्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिसिरपुर के अधीक्षक डॉ. ओपी शुक्ला को सेंट मैरी चिकित्सालय लोहता में मरीजों को खान-पान, शुद्ध पेयजल मुहैया न कराने और डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के वार्ड में ना जाने के आरोप में नोटिस जारी करते हुए जिलाधिकारी ने नोटिस मिलते ही तत्काल इसका जवाब देने का निर्देश दिया है।
कोविड अस्पताल में की सीवर लाइन टूटने पर सीएमएस को नोटिस
जिलाधिकारी ने दीनदयाल अस्पताल स्थित कोविड हास्पिटल में पिछले 10 दिन से सीवर लाइन टूटने और इसकी मरम्मत न कराए जाने को लेकर होने वाली समस्याओं पर सीएमएस डॉ बी शुक्ला को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा है। इसमें जिलाधिकारी ने बताया है कि सीवर लाइन की मरम्मत न होने से प्राइवेट वार्ड में 10 बेड के वार्ड का मरीजों के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में कोविड-19 जैसे दौर में इस तरह की लापरवाही से शासन-प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है। इस पर तत्काल जवाब भी मांगा गया है। इसी मामले में एडिशनल सीएमओ डॉक्टर ए के गुप्ता को नोटिस जारी करते हुए जिलाधिकारी ने अस्पतालों के निरीक्षण करने में शिथिलता बरतने पर नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने को कहा है।