जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा के महामानव संगम के तहत डोमरी-कटेसर गांव से निकाली गई शाकादार-सदाचार मद्यनिषेध जन जागरण यात्रा में भगदड़ से हुई 25 श्रद्धालुओं की मौत के मामले में अधिकारियों पर गाज गिरने का सिलसिला जारी है। इस हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित होने के बाद शासन ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए वाराणसी के डीएम विजय किरन आनंद और चंदौली के एसपी राठौर किरीट को भी हटा दिया। योगेश्वर राम मिश्रा वाराणसी के नए डीएम बनाए गए हैं। विजय किरन को विशेष सचिव सिंचाई बनाया गया है जबकि राठौर किरीट को लखनऊ में पुलिस अधीक्षक (तकनीकी सेवाएं) पद पर भेजा गया है। इस मामले में अब तक डीएम, एसएसपी समेत दोनों जिलों के कुल 11 अफसर कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। जल्द ही पुलिस और प्रशासन के कुछ और बड़े अधिकारियों के हटाए जाने की चर्चा है।
कटेसर में दो दिवसीय महामानव संगम के पहले दिन 15 अक्तूबर को कटेसर से पंकज बाबा ने शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध जन जागरण यात्रा निकाली थी। इस दौरान राजघाट पुल पर भीड़ ज्यादा होने और ट्रैफिक जाम होने के बाद पुल टूटने की अफवाह से भगदड़ मचने से पुल पर मौजूद जय गुरुदेव के 25 अनुयायियों की मौत हो गई थी। हादसे की शाम शासन ने एसपी सिटी सुधाकर यादव, एसपी ट्रैफिक कमल किशोर, सीओ कोतवाली राहुल मिश्रा, एसओ रामनगर अनिल सिंह और एसओ मुगलसराय विनोद यादव को निलंबित कर दिया था।
एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और सिटी मजिस्ट्रेट बीबी सिंह को भी निलंबित करने के बाद एसएसपी आकाश कुलहरि को भी हटा दिया गया था। मंगलवार को एसओ आदमपुर विनय प्रकाश सिंह पर गाज गिरी और उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। डीएम विजय किरन के तबादले के लिए शासन ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद बुधवार की शाम उन्हें भी हटा दिया गया। इस मामले में पुलिस-प्रशासन के दो और आला अधिकारियों पर भी गाज गिरने के संकेत मिले हैं।