प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 3000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जाएगी। इस योजना में पंजीकरण के लिए आयु के आधार पर 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह का अंशदान जमा करना होगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया किसी भी जन सुविधा केंद्र, कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल के माध्यम से स्वयं की जा सकती है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष की शुरुआत से अब तक की गई पंजीकरण प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। सरकारी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे लक्षित समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक पंजीकरण कराते हुए लाभ प्रदान करें। सभी जनपदों में असंगठित श्रमिकों का अधिकाधिक पंजीकरण कराते हुए उन्हें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जोड़ा जाए।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने कहा कि मंडल के सभी 216 गोआश्रय स्थल सीसीटीवी से लैस होंगे। उनकी अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने गोआश्रय स्थलों की जानकारी ली। एडी पशुपालन ने बताया कि वर्तमान में मंडल के गोआश्रय स्थलों में 26 हजार पशुओं का संरक्षण किया गया है। 6196 पशुओं को विभिन्न लोगों को दिया गया है। मंडलायुक्त ने सुपुर्दगी लेने वालों का पूरा भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश सीडीओ को दिए। उन्होंने सभी गोआश्रय स्थलों पर रजिस्टर रखने को कहा। कहा कि रजिस्टर में निरीक्षण का पूरा ब्योरा अंकित करते हुए उसका फॉलोअप जरूर लें।
सभी गोआश्रय स्थलों को सीसीटीवी से लैस करने, बीमार पशुओं को अलग कंपाउंड में रखने, चारे की उपलब्धता के लिए परती, बंजर में मनरेगा की सहायता से हरा चारा उगाने समेत सिंचाई के साधन व गेट लगाने के निर्देश दिए। तहसील/समाधान दिवस पर गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण के लिए जिम्मेदारी तय करें।
मंडलायुक्त ने पशुओं के रखरखाव, चारे-पानी और स्वच्छता की स्थिति की जानकारी ली। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोशाला में भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गोवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में पशुओं के टीकाकरण अभियान, गोवंश संरक्षण, तथा निराश्रित पशुओं के प्रबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए।
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उन्होंने पशुपालकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में बृहद गोसंरक्षण केंद्र स्थापित करने, नंदिनी कृषक योजना, मिनी नंदिनी योजना की भी जानकारी दी गई। मंडलायुक्त ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अतः सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। अंत में, उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने एवं विभागीय लक्ष्यों की समय सीमा के भीतर पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।