डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीजों को पूर्ण रूप से ठीक नहीं किया जा सकता है। दवा से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। संक्रमित व्यक्तियों को भोजन में हरी सब्जी खाने की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को किसी को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
नशे की लत बन रही संक्रमण की वजह
दीनदयाल अस्पताल के ओएसडी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर प्रशांत वैभव के अनुसार युवाओं में नशे की लत बढ़ने का कारण सिरिंज से ड्रग्स का सेवन करना है। इससे हर वर्ग के लोग एचआईवी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। बचाव के लिए केवल जागरूकता ही एकमात्र विकल्प है।
क्या बोले अधिकारी
ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीज जिनकी बीमारी लंबे समय तक ठीक नहीं होती है, उन्हें डॉक्टर एचआईवी की जांच लिखते हैं। एआरटी सेंटर में एचआईवी जांच के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जांच रिजल्ट पॉजिटिव आने पर लोगों की काउंसिलिंग करके उन्हें नियमित रूप से दवा के सेवन की सलाह दी जाती है। -डॉ. प्रेम प्रकाश, एमएस, दीनदयाल अस्पताल